खाड़ी देशों में रांची समेत राज्य के 140 से ज्यादा लोग फंसे, अनहोनी के डर से बेचैनी में परिजन

ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब झारखंड के घरों तक महसूस किया जा रहा है। खाड़ी देशों में रह रहे या घूमने गए रांची समेत राज्य के 140 से ज्यादा लोगों के परिवार गहरी चिंता में हैं। घरों में दिन-रात फोन पर बातचीत हो रही है। हर कॉल राहत देता है, लेकिन अनजाना डर अब भी बना हुआ है। रांची से कई लोग दुबई घूमने गए थे। मौजूदा हालात में दुबई से भारत आने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अचानक बदले हालात के कारण कई पर्यटक वहीं फंस गए हैं। होटल का बढ़ता खर्च और घर लौटने की बेचैनी उन्हें परेशान कर रही है। वहीं, रांची के कई युवक ओमान और अन्य अरब देशों में काम करते हैं। ईद के मौके पर कई लोग घर आने की तैयारी में थे, लेकिन मौजूदा तनाव के कारण उनकी वापसी पर संशय बना हुआ है। बरवाडीह के मधुकर श्रीवास्तव दुबई के एक होटल में मैनेजर हैं। उन्होंने परिजनों को बताया कि वे सुरक्षित हैं। वहीं मो. अताउर रहमान कतर में हैं। उनका कहना है कि सभी भारतीय ठीक हैं।
ईरान में जंग के बीच रांची के परिवार की हिम्मत रांची के हिंदपीढ़ी निवासी दुकान संचालक तनवीर का परिवार भी चिंता के बीच हिम्मत बनाए हुए है। तनवीर की बहन अपने परिवार के साथ ईरान के कुम शहर में रहती हैं, जहां कुल 12 सदस्य हैं। उनके बहनोई सफदर याकूबी वहां आलीम (धार्मिक अध्ययन) के प्रोफेसर हैं। तनावपूर्ण माहौल में जब आसमान से गुजरती मिसाइलों की आवाज सुनाई देती है, तो परिवार सहम जरूर जाता है। हालांकि वे लगातार संपर्क में हैं और एक-दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं। तनवीर का कहना है कि अनिश्चित हालात के बावजूद परिवार संयम और साहस के साथ स्थिति का सामना कर रहा है। दूर बैठे अपनों की सलामती की खबर ही उनके लिए सबसे बड़ी राहत है। हरमू में रहने वाले दो बेटे दुबई-ओमान में, पिता की चाह- बस घर लौट आओ हरमू निवासी ऑटो चालक मो. गुलजार इन दिनों गहरी चिंता में हैं। उनके दो बेटे खाड़ी देशों में काम करते हैं। मो. जुबैर पिछले पांच महीनों से दुबई में इलेक्ट्रीशियन का काम कर रहे हैं, जबकि मो. जुनैद ओमान में प्लंबर हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव की खबरों ने पूरे परिवार को बेचैन कर दिया है। गुलजार कहते हैं,हमें कुछ नहीं चाहिए, बस दोनों सुरक्षित घर लौट आएं। मां और परिजन हर कॉल का इंतजार करते हैं। इनके अलावा हरमू के मो. आसिब, मो. तौकीर और मुमताज सऊदी अरब में कार्यरत हैं। वहीं मो. तौसीफ, मो. शारिफ और मो. शहनवाज दुबई में नौकरी कर रहे हैं।
दुबई में फंसे रांची सहित झारखंड के 96 कारोबारी…सुरक्षित वापसी का इंतजार चान्हो के बीजूपाड़ा निवासी दीपक कुमार, जो ‘छोटानागपुर हार्डवेयर’ नाम से सीमेंट और छड़ की दुकान चलाते हैं, इन दिनों दुबई में फंसे हुए हैं। उनके साथ नगड़ी के डहुटोली, बालालोंग निवासी विनय कुमार केशरी और सुनील कुमार महतो भी हैं, जो ‘महतो इंटरप्राइजेज’ का संचालन करते हैं। ये सभी 24 फरवरी को एक सीमेंट कंपनी के पैकेज टूर पर दुबई गए थे। उनकी वापसी 28 फरवरी को तय थी, पर क्षेत्र में बढ़े तनाव और हमलों के कारण उड़ानें प्रभावित हो गईं। एयरपोर्ट पहुंचे दीपक कुमार को उसी दिन वापस लौटा दिया गया। फिलहाल वे अपने टूर समूह के साथ होटल में ठहरे हैं और सरकार व टूर आयोजकों के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। दीपक अकेले नहीं हैं। रांची के चार अन्य लोग और पूरे झारखंड के करीब 96 यात्री दुबई में फंसे बताए जा रहे हैं और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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