मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसानों को ‘शून्य’ ब्याज पर कर्ज की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिल्हा विकासखंड के रहंगी में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण और वृहद किसान सम्मेलन से 25.28 लाख किसानों के बैंक खाते में 10324 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इनमें बिलासपुर के 125352 किसानों को 494.38 करोड़ रुपए मिले। मुख्यमंत्री साय ने ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि 25 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचा है। होली से पहले उनके खातों में राशि पहुंचाई गई है, ताकि वे त्योहार अच्छे से मना सकें। सरकार किसान हितैषी है और किसानों के लिए प्रगतिशील योजनाएं लागू की गई हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 6 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इस वर्ष कृषि का बजट 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का है। मुख्यमंत्री साय ने नक्सलवाद के बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की दिशा में प्रगति का जिक्र करते हुए मार्च 2026 तक संकल्प पूरा होने की बात कही। साथ ही खनिज संसाधनों के समुचित दोहन, पर्यटन संभावनाओं और एनडीडीबी से समझौते के जरिए दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रयासों की जानकारी दी। लाभ पाने वाले किसानों की जुबानी… मेरे खाते में 36 हजार रुपए आए हैं। इससे होली का त्योहार अच्छे से मना सकेंगे। परिवार की जरूरतें भी पूरी होंगी। -बसंती कश्यप, जगदलपुर मैंने एमएसपी पर 73 क्विंटल धान बेचा। इसके एवज में 53 हजार रुपए मिले। इसका इस्तेमाल घर बनाने में करेंगे। -सुखन साय, पहाड़ी कोरवा, कोरबा धान बेचने पर मेरे खाते में 1 लाख 41 हजार रुपए आए हैं। इस बार होली खूब धूमधाम और उल्लास के साथ से मनेगी। -समर्थ सिंह, जांजगीर


