छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के मेनपॉवर टेंडर में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सीएसएमसीएल ने जिस कंपनी को जोन-6 में मैनपावर सप्लाई का ठेका दिया, उस कंपनी ने दूसरी कंपनी को काम सौंप दिया। मामला सामने आने के बाद सीएसएमसीएल ने संबंधित एजेंसी रक्षक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड का ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यही नहीं, कंपनी की 2,56,63,421 रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली गई है और उसे एक साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसएमसीएल के एमडी पी.एस. एल्मा ने कंपनी पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा है। सेवा बाधित न हो, इसके लिए नई एजेंसी को काम सौंप दिया गया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने धमतरी, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले (जोन-6) के शराब दुकानों में मेनपॉवर के लिए 31 मार्च 2024 को टेंडर जारी किया। यह कार्य रक्षक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। इसकी वैधता 31 मार्च 2026 तक थी। 30 अप्रैल 2024 को सीएसएमसीएल और कंपनी के बीच एमओयू हुआ। इसके साथ ही कंपनी ने 2.56 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा की। इसी के साथ रक्षक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने मैनपावर का कार्य ठेके पर एक अन्य कंपनी सैटर्न ट्रांसमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया। जबकि यह नियमानुसार गलत और टेंडर शर्तों का उल्लंघन है। बचेली की दुकान में भी अनियमितता हुई इधर, विभाग की ओर से समय-समय पर शराब दुकानों से किए जाने वाले संयुक्त मिलान रिपोर्ट में भी भारी अनियमितता सामने आई थी। जांच में सामने आया कि नवंबर 2025 के दौरान जिला दंतेवाड़ा के बचेली स्थित शराब दुकान से 1,52,47,774 रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई। जांच समिति ने इसे गंभीर उल्लंघन माना। टेंडर नियम के अनुसार सबलेटिंग पर थी रोक सीएसएमसीएल की ओर से जारी टेंडर के अनुसार निविदा दस्तावेज के भाग-III की शर्त क्रमांक 4 में स्पष्ट है कि ठेकेदार किसी भी परिस्थिति में कार्य को असाइन, सबलेट या सब-कॉन्ट्रैक्ट नहीं कर सकता। उल्लंघन की स्थिति में अनुबंध निरस्त करने और बैंक गारंटी जब्त करने का प्रावधान है। ऐसे हुआ खुलासा, जांच के बाद टेंडर रद्द
सैटर्न ट्रांसमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म के अशोक अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड रायपुर से शिकायत की थी। शिकायत की जांच में सामने आया कि दोनों कंपनियों का ई-स्टांप पूरी तरह सही था। सैटर्न ने 16 अप्रैल 2024 को 2.56 करोड़ रक्षक सिक्योरिटी के बैंक खाते में जमा किए थे। निविदा शर्तों के विपरीत कार्य का हस्तांतरण
शिकायत की जांच में पाया गया कि कंपनी ने निविदा शर्तों के विपरीत कार्य का हस्तांतरण किया था। अनुबंध पत्र की सत्यता की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित दस्तावेज में टेंडर आदेश का उल्लेख था। दोनों कंपनियों के बीच वित्तीय लेन-देन भी दर्ज था। ई-स्टांप के सत्यापन में भी दस्तावेजों की पुष्टि हुई। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
-पी.एस. एल्मा, एमडी, सीएसएमसीएल


