मां संतान को जन्म ही नहीं देती, उसमें श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण कर उसे सच्चा मनुष्य बनाती है: मुनि

भास्कर संवाददाता|भीलवाड़ा श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में शांतिभवन में चल रहे होली चातुर्मास के दूसरे दिन रविवार को आयोजित धर्मसभा भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत रही। प्रवर्तक सुकन मुनि ने ‘मातृ शक्ति’ और ‘संस्कार’ विषय पर उद्बोधन देते हुए कहा कि मां संतान को केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि उसमें श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण कर उसे सच्चा मनुष्य बनाती है। उन्होंने कहा कि जो संतान माता की सेवा करती है, उसे अलग से तीर्थयात्रा की आवश्यकता नहीं। मां की ममता और आशीर्वाद जीवन की कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति देते हैं। डॉ. वरुण मुनि व रविंद्र मुनि ने भी मातृ महिमा पर प्रकाश डाला। साध्वी वारिधी ने भजन प्रस्तुति दी। सोमवार को दीक्षा दिवस समारोह आयोजित होगा। उपप्रवर्तक अमृत मुनि, युवाप्रणेता महेश मुनि, मेवाड़ गौरव रविंद्र मुनि, बालयोगी अखिलेश मुनि, डॉ. वरुण मुनि, ध्यान दर्पण मुनि, वीतराग मुनि, महासती ज्ञानकंवर, साध्वी प्रतिभा कंवर एवं संत-साध्वी मंडल के सानिध्य मे होली चातुर्मास व दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। शांतिभवन संरक्षक नवरतनमल बंब, अध्यक्ष राजेंद्रप्रसाद चीपड़, सुशील चपलोत, नरेंद्र भंडारी, प्रकाश पीपाड़ा, कंवरलाल सूरिया, मदनलाल चौरड़िया, लाभार्थी राजेंद्र सकलेचा,महावीर युवक मंडल एवं शांति जैन महिला मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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