गर्मी का ‘पारा’ इस साल मार्च में ही ‘हाई’ हो रहा है। ऐसे में महीने के आखिर में ही हीट वेव का अलर्ट है।
रविवार को राजस्थान के अधिकांश शहरों में दिन और रात का तापमान सामान्य से करीब 5 से 7 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर में सबसे अधिक 36.5 डिग्री और सीकर में सबसे कम 31 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर, मौसम विभाग के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि जो तापमान अभी 1 मार्च को रिकॉर्ड किया गया है, उतना तापमान सामान्य रूप से 15 मार्च के आसपास रहता है। ऐसे में राजस्थान में 15 दिन पहले ही तेज गर्मी पड़ने के आसार हैं। इस बारे में मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी ना तो पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है और ना ही कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इस कारण यहां पश्चिमी हवाएं अपना असर दिखा रही हैं। इससे मार्च के पहले ही दिन तापमान सामान्य से इतना अधिक दर्ज हुआ है। रविवार को राजधानी जयपुर में भी अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले साल के मुकाबले भी एक मार्च को ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान अधिक दर्ज हुआ है। भास्कर एक्सपर्ट – राधेश्याम शर्मा, निदेशक, मौसम केंद्र, जयपुर जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी स्थिति बनी
“कुछ सालों के ट्रेंड से साफ है कि सर्दी समय से पहले चली जाती है और गर्मी की शुरुआत हो जाती है। वर्तमान में जो तापमान दर्ज किया जा रहा है, इतना तो 15 मार्च के आसपास रहता है। इस कारण यह माना जा सकता है कि गर्मी 15 दिन पहले ही असर दिखा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन है। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी नहीं हो रही है। इस कारण यहां उत्तरी हवाएं प्रभावी नहीं हैं। फिलहाल, पश्चिमी विक्षोभ की भी स्थितियां भी नहीं बन रही हैं। इस बार बहुत संभव है कि गर्मी अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगी। हालांकि पिछले सालों में इन दिनों अधिकतम पारा 30 से 32 डिग्री से आसपास दर्ज किया गया था।” पिछले साल एक मार्च को प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर 24.4 डिग्री, बीकानेर में 27.4 डिग्री, सीकर में 28.0 डिग्री,जयपुर में 30.0 डिग्री, अजमेर में 30.5, चूरू 25.6, जैसलमेर 29.7 और बाड़मेर में 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा था।


