होलिका दहन के साथ ही पूरे राज्य में होली सेलिब्रेशन की शुरूआत हो जाएगी। इस दौरान अतिरिक्त उत्साह में कई दफा आप केमिकल रंगों का उपयोग करते हैं, ये खतरनाक है। होली तो खूब मजे से खेलते हैं, लेकिन रंग निकालने की हड़बड़ी में अपनी ही बॉडी पर कई तरह के प्रयोग करने लगते हैं। इसके अलावा जल्दबाजी यानी बिना तैयारी के ही होली खेलने निकल जाते हैं, ये रंग त्वचा पर चिपक जाते हैं। तो इस बार जब आप रंग लगाकर एक-दूसरे को बधाई दे रहें होंगे, एक-दूसरे पर पिचकारी मारकर अपना उत्साह दिखा रहे होंगे। टोली के साथ हाथों और जेबों में रंग छुपाए जब आप अपने करीबियों के घर प्रेम बांटने पहुंचेंगे, तो कुछ बातें जरूर ध्यान में रखिएगा, ताकि खुशियों का रंग फीका न पड़े। पहली बात : होली खेलने के लिए स्किन को प्री-प्रिपेयर करें। कैसे, इंफोग्राफिक के जरिए समझिए.. दूसरी बात : केमिकल रंगों से दूरी बनाइए, सबसे बेस्ट नेचुलर कलर्स हैं। केमिकल वाले रंग कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं, कैसे इंफोग्राफिक के जरिए समझिए… तीसरी बात : रंग खेलने के बाद अपनी बॉडी के साथ जबर्दस्ती न करें। रंग कुछ दिन ही छूट जाएंगे, लेकिन स्किन पर बुरा प्रभाव पड़ा तो असर लंबे समय तक रह सकता है। ऐसे में रंग निकालने का सेफस्ट-वे नीचे इंफोग्राफिक से समझिए… चौथी बात : सबकी स्किन अलग-अलग होती है, किसी स्किन को एक्स्ट्रा केयर की आवश्यकता होती है, तो कुछ का काम थोड़े से चल जाता है। ऐसे में नीचे इंफोग्राफिक में पढ़िए किस तरह की स्किन के लिए किस तरह की केयर करनी है… पांचवी बात : सबसे जरूरी घर में बच्चे-बुजुर्ग हों जो जिम्मेदारी बढ़ेगी। इनका विशेष ध्यान रखना जरूरी है। नीचे इंफोग्राफिक में इसके लिए कुछ टिप्स हम आपको बता रहे हैं …


