इजराइल-अमेरिका द्वारा ईरान और ईरान की और से बहरीन और दुबई में की जा रही बमबारी की दहशत मेवाड़-वागड़ तक महसूस हो रही है। दरअसल, खाड़ी देशों में उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही और पाली जिलों के 50 हजार से अधिक कामगार रहते हैं। जो वहां बमबारी के बीच दहशत में हैं। हालांकि, वहां लोकल स्तर पूरा सहयोग मिल रहा है। बावजूद इसके, परिजनों को भी बमबारी के बीच रह रहे अपनों की चिंता परेशान कर रही है। हज कमेटी राजस्थान के पूर्व संयोजक और जायरीनों को मक्का-मदीना की 100 से ज्यादा यात्राएं करने वाले जहीरुद्दीन सक्का बताते हैं कि अलग-अलग जत्थों में मक्का-मदीना गए मेवाड़-वागड़ के करीब 50 जायरीन भी हैं, जिन्हें उमरा कर 20 मार्च तक यानी ईद तक वतन वापस लौटना है। अगर यह युद्ध मार्च माह तक चला और जद्दा-मदीना एयरपोर्ट पर फ्लाइट का संचालन बहाल नहीं हुआ तो ये वहीं फंसे रहेंगे। क्योंकि, जेद्दा-मदीना-भारत के बीच फ्लाइट का संचालन कुवैत, दुबई, बहरीन, शारजहां होकर ही होता है और इन शहरों में बमबारी होने से फ्लाइट का संचालन रोक दिया गया है। हालांकि गनीमत यह है कि मक्का-मदीना में अभी तक किसी भी प्रकार की बमबारी नहीं हुई है। इसलिए जायरीनों के उमरा पर कोई फर्क नहीं है। फिलहाल, भारत से जाने वाले जायरीन उमरा के लिए नहीं जा पा रहे हैं। मेवाड़-वागड़ से दुबई भ्रमण पर जाने वाले यात्रियों के फंसे होने की भी प्रबल संभावना है। जिला कलेक्टर नमित मेहता बताते हैं कि इस मामले में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अगर किसी के भी किसी भी प्रकार समस्या की जानकारी प्राप्त होते ही सक्षम स्तर पर अवगत कराकर राहत प्रदान कराएंगे। मेवाड़ के लोग बोले- कुवैत, बहरीन, दुबई में हालात तनावपूर्ण उदयपुर निवासी मोहम्मद रिजवान बताते हैं कि वे कुवैत में पिछले दो साल से ऑयल फील्ड में काम करते हैं। कुवैत में हर आधे घंटे में बमबारी हो रही है। सवीना निवासी हामिद बताते हैं कि कुवैत व बहरीन में रुक-रुककर बमबारी हो रही है। कुवैत एयरपोर्ट पर भी बम गिराए गए। इससे माहौल तनावपूर्ण है। साजिदा दुबई में सैलून का संचालन करने के साथ-साथ करंसी बदलने का भी काम करती हैं। कई सालों से दुबई में परिवार के साथ रहकर रोजगार अर्जित कर रही हैं। वे बताती हैं कि दुबई में बमबारी की वजह से दहशत का माहौल है। अब दुबई से वतन वापसी चाहती हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर फ्लाइट का संचालन बंद कर दिया गया है। दुबई का एयरपोर्ट भी बमबारी में क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है। उदयपुर इन जायरीनों का जत्था उमरा पर, युद्ध पूरे माह चला तो वहीं फंसने का डर खांजीपीर उदयपुर निवासी अमजद अली गत 16 फरवरी से 20 मार्च तक उदयपुर, भीलवाड़ा, हिम्मत नगर के 35 जायरीनों के साथ मक्का-मदीना के सफर पर हैं। अमजद अली बताते हैं कि जायरीन मक्का शरीफ से इबादत कर रविवार को ताइफ शहर में पहुंचे हैं। ताइफ में बड़ा उमरा करेंगे यानी तबाफ एवं सही के बाद हलक कराएंगे। ताइफ से वापस मक्का शरीफ आएंगे। मक्का शरीफ के बाद मदीना शरीफ जाएंगे, जहां कई दिनों तक जियारत करेंगे। खास बात यह है कि मक्का-ताइफ-मदीना में माहौल शांतिपूर्ण हैं। फिलहाल यहां ना कोई बमबारी है, ना कोई डर का माहौल है। अगर युद्ध पूरे मार्च चला तो वहीं फंसने का डर सता रहा है। जेद्दा-मदीना एयरपोर्ट पर फ्लाइटें बंद की
जेद्दा-मदीना-भारत के बीच फ्लाइट का संचालन कुवैत, दुबई, बहरीन, शारजहां होकर होता है। कुवैत, दुबई, बहरीन, शारजहां में बमबारी होने से फ्लाइट का संचालन रोक दिया गया है। ऐसे में माह-ए-रमजान में उमरा करने जाने वाले जायरीनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सउदी अरब के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जेद्दा व मदीना पर फ्लाइटों का संचालन बंद कर दिया गया है। इससे जायरीनों का फिलहाल मक्का-मदीना जाने का सपना टूट सकता है। वहीं, उदयपुर के टूर ऑपरेटर्स को आर्थिक नुकसान होगा। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र पर भी तात्कालिक प्रभाव संभव है, क्योंकि एमिरेट्स और कतर एयरवेज के जरिए आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या घट सकती है।


