लुधियाना में दो अलग-अलग स्थानों पर ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। दोनों मृतक फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर थे और अपने-अपने परिवारों के कमाने वाले सदस्य थे। दोनों व्यक्तियों की मौत के बाद परिवारों में शोक है। ट्रेन की टक्कर के कारण एक व्यक्ति के सिर में चोट लगी तो दूसरे की पसलियां टूट गई जिस कारण दोनों मौत हो गई। धूरी लाइन पर पहला हादसा पहला मामला धूरी लाइन का है। मृतक की पहचान भैरो प्रसाद के रूप में हुई है। वह मोहल्ला दशमेश नगर, गली नंबर 13 में रहकर ट्रैक्टर पार्ट्स की फैक्ट्री में काम करता था। बताया जा रहा है कि वह घर से सामान लेने के लिए निकला था, तभी ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी। खून से लथपथ हालत में उसे ट्रैक के पास पड़ा देख स्थानीय लोगों ने परिवार को सूचना दी। मौके पर जीआरपी पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। भैरो प्रसाद मूल रूप से भागलपुर जिले (बिहार) का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी गीता, तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, एक बेटा स्कूल में पढ़ता है जबकि दूसरा बेटा काम करता है। ढंडारी में पुल के नीचे दूसरा हादसा दूसरी घटना ढंडारी इलाके में रेलवे पुल के नीचे हुई। यहां 45 वर्षीय मुलई की रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मुलई भी एक फैक्ट्री में काम करता था और मूल रूप से महराजगंज (जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था। उसके परिवार में 7 बेटियां और 1 बेटा है। उसकी शादी को करीब 15 साल हो चुके थे। परिजनों को हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीआरपी ने शुरू की जांच दोनों मामलों में जीआरपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह हादसे प्रतीत हो रहे हैं, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। लगातार हो रहे रेल हादसों ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पार करने की बढ़ती लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


