चिकित्सा सेवा: 25 साल पहले स्थापित किया चैरिटेबल क्लिनिक, 2.50 लाख लाभान्वित

संस्था में सेवा के लिए संपर्क करें: 01552-265941, 94140-94941 कार्यालय पता: विनीत होम्योपैथिक चैरिटेबल क्लिनिक दुर्गा मंदिर काम्पलैक्स, नजदीक बस स्टैंड, हनुमानगढ़ जंक्शन हनुमानगढ़| होम्योपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा देने और आमजन को सुलभ चिकित्सा उपलब्ध करवाने के लिए विनीत मैमोरियल फाउंडेशन की ओर से 25 वर्ष पहले विनीत होम्योपैथिक चैरिटेबल क्लिनिक की स्थापना की गई। 28 फरवरी 2000 को जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में स्थापित किए गए क्लिनिक पर परामर्श लेकर अब तक लगभग ढाई लाख रोगी लाभान्वित हो चुके हैं। विनीत मैमोरियल फाउंडेशन के संरक्षक शिक्षक रघुवीर शर्मा और अध्यक्ष महेंद्र शर्मा अध्यक्ष बताते हैं कि चैरिटेबल क्लिनिक में 25 वर्षों से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा सहित वि​भिन्न राज्यों के प्रसिद्ध चिकित्सक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। क्लिनिक में आने वाले रोगियों को दवाएं भी निशुल्क दी जाती है। समय-समय पर फाउंडेशन की ओर से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में शिविर भी लगाए जाते हैं। अब तक संस्था द्वारा 98 निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाकर लगभग 25 हजार रोगियों को लाभान्वित किया जा चुका है। चिकित्सा शिविरों में भी दवाएं निशुल्क दी जाती है। शिविरों में देश के प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा अपनी सेवाएं दी जाती है। संस्था की ओर से हनुमानगढ़ में पहली बार 14 नवंबर 2010 को होम्योपैथिक ​चिकित्सकों का सेमिनार भी आयोजित करवाया गया। जंक्शन में स्थापित यह क्लिनिक संस्था सचिव डॉ. अनिल शर्मा के नेतृत्व में चल रहा है। डॉ. अनिल शर्मा भी होम्योपैथी में मास्टर्स डिग्री, पीएचडी (होम्योपैथी) है। प्रदेश स्तर पर शिक्षक सम्मान से सम्मानित हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी रघुवीर सिंह शर्मा के पौत्र विनीत का 28 फरवरी 1997 को निधन हो गया। पौत्र की स्मृति ने रघुवीर सिंह शर्मा ने ‘सेवा दायित्व है उपकार नहीं’ की परिकल्पना को साकार करते हुए 16 जुलाई 1997 को विनीत मैमोरियल फाउंडेशन की स्थापना कर चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का मानस बनाया। उस दौरान उनके मन में सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने का विचार आया। 28 फरवरी 1999 को पहली बार निशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर की श्रृंखला शुरू की गई। 28 फरवरी 2000 को विनीत मैमोरियल फाउंडेशन द्वारा विनीत होम्योपैथिक चैरिटेबल क्लिनिक की जंक्शन में स्थापना की गई।

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