फाजिल्का जिले के अबोहर में ट्रैफिक पुलिस ने नो एंट्री जोन में जबरन घुसने वाले एक ट्राला ड्राइवर का 20 हजार रुपए का चालान काटा है। यह घटना मलोट चौक पर हुई, जहां गुरदासपुर निवासी ड्राइवर जोगा सिंह ने पुलिस पर 2 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होनें ट्राला बीच सड़क पर रोक दिया, जिससे ट्रैफिक जाम रहा। जानकारी के अनुसार, सोमवार को ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज सुरेंद्र सिंह मलोट चौक पर मौजूद थे। गुरदासपुर निवासी जोगा सिंह राजस्थान से पत्थर लादकर गुरदासपुर जा रहा था और उसने नो एंट्री जोन में प्रवेश करने का प्रयास किया। नो एंट्री में प्रवेश करने पर दिया सुझाव ट्रैफिक इंचार्ज ने उसे रोककर नो एंट्री में प्रवेश न करने और सही रास्ते पर लौटने का सुझाव दिया। उन्होंने ड्राइवर को यह भी बताया कि नो एंट्री में प्रवेश करने पर 20 हजार रुपए का चालान बनता है, लेकिन अगर वह वापस चला जाता है तो 2 हजार रुपए का चालान काटकर उसे जाने दिया जा सकता है। ड्राइवर ने पुलिसकर्मी की बात नहीं मानी हालांकि, ट्राला ड्राइवर जोगा सिंह ने पुलिसकर्मी की बात नहीं मानी। उसने ट्रैफिक पुलिस पर 2 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उसने चौक के बीचों-बीच अपना ट्राला रोक दिया, जिससे दोनों ओर से ट्रैफिक जाम हो गया। मौके पर पहुंचे SHO सूचना मिलते ही थाना नं. 1 के इंचार्ज रविंद्र सिंह भीटी मौके पर पहुंचे और लोगों से पूछताछ कर सच्चाई का पता लगाया। उन्होंने भी ट्राला ड्राइवर को समझाते हुए कहा कि वह 2000 रुपए का चालान कटवाकर यहां से ट्राला वापिस ले जाए। लेकिन वह नहीं माना जिस पर पुलिस ने नो एंट्री में ट्राला चलाने पर उसका 20 हजार रुपए का चालान काट दिया और बाद में ट्राला साइड से करवाकर यातायात बहाल करवाया। SHO बोले- ड्राइवर ने झूठा आरोप लगाया थाना इंचार्ज ने बताया कि वे ड्राइवरों के साथ हर प्रकार की हमदर्दी दिखाने को तैयार रहते हैं। लेकिन उक्त ट्राला ड्राइवर ने ट्रैफिक कर्मचारी पर ही 2 हजार रुपए मांगने का झूठा आरोप लगा दिया। उन्होनें कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यवधान पैदा करने वाले के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाही की जाएगी।


