बलौदाबाजार में अंबुजा सीमेंट प्लांट की प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। 26 दिसंबर को होने वाली पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सीमेंट प्लांट की स्थापना पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमेंट प्लांट के नाम पर उनकी उपजाऊ खेती योग्य जमीन छीनकर उन्हें विकास के नाम पर छलावा दिया गया है। स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा भी हवा-हवाई साबित हुआ है। इस मुद्दे पर युवाओं से लेकर किसानों तक का गुस्सा साफ तौर पर दिखाई दिया। ग्रामीण युवा मुकेश साहू ने कहा, ‘अंबुजा सीमेंट प्लांट ने हमें रोजगार देने का सपना दिखाया था, लेकिन अब वही सपना धोखा साबित हो रहा है।’ ग्रामीण बोले- जमीन को बंजर बना देगा प्लांट वहीं, ग्रामीण पुहुप राम यदु ने सीमेंट कंपनी पर जमीन हथियाने और विकास कार्यों में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह प्लांट किसानों की जमीन को बंजर बना देगा, जिससे खेती बर्बाद हो जाएगी। हमारे जीवनयापन का मुख्य साधन ही खत्म हो जाएगा।’ ग्रामीण रामकुमार साहू ने कहा कि यदि 26 दिसंबर की जनसुनवाई को रद्द नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने साफ कहा, ‘हम अपनी जमीन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक लड़ेंगे।’ ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन सौंपने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पर्यावरण स्वीकृति के नाम पर उनकी आजीविका और भविष्य को बर्बाद नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीणों का विरोध बढ़ता जा रहा है और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन ने उनकी आवाज़ नहीं सुनी, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।


