छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में होली से पहले मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। इस अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विभिन्न दुकानों का निरीक्षण कर 8 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित मिठाई दुकानों, किराना प्रतिष्ठानों और अन्य खाद्य व्यवसाय इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पेड़ा, गुजिया, कलाकंद, खाद्य तेल, बेसन, सूजी, चीनी, मैदा और दूध सहित विभिन्न मिष्ठान्न पदार्थों के नमूने लिए गए। इन नमूनों को विधिवत प्रक्रिया के तहत राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि निरीक्षक फनेश्वर पिथौरा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को कई निर्देश दिए गए। इनमें साफ-सफाई बनाए रखने, मिलावटी या अमानक खाद्य पदार्थों का निर्माण और विक्रय न करने, तथा कृत्रिम रंग और हानिकारक तत्वों के उपयोग से बचने के लिए कहा गया। इसके अतिरिक्त, संचालकों को बिना वैध लाइसेंस/पंजीयन के खाद्य व्यवसाय न चलाने, उत्पादों पर निर्माण और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने, और स्वच्छ एवं सुरक्षित पैकेजिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पिथौरा ने विशेष रूप से भांग मिलाकर मिलावटी मिठाई न बेचने और मिठाइयों में कम रंग का उपयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि भेजे गए 8 सैंपलों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


