सीकर में अलग-अलग समय पर हो रहा होलिका दहन:धुलंडी 3 और 4 मार्च को मनाई जाएगी, महिलाओं ने पूजा के बाद गाए गीत

सीकर में आज कई स्थानों पर गोधूली वेला से होलिका दहन शुरू किया गया। हालांकि होलिका दहन का शुभ मुहूर्त आज आधी रात में 1 बजकर 26 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक का है। लेकिन परंपरागत रूप से काफी स्थानों पर होलिका दहन हो गया‌ है। धुलंडी मनाने को लेकर भी अलग-अलग मत सामने आए हैं। गांवों में लगभग सभी जगह और शहर के कुछ स्थानों‌ पर 3 मार्च को धुलंडी मनाने की सूचना है। वहीं सीकर शहर में 4 मार्च को भी धुलंडी मनाई जाएगी। होलिका दहन का पर्व आज धूमधाम, उत्साह, उमंग और परंपरागत रीति रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। आज कई इलाकों में गोधूलि बेला पर सूर्य अस्त होने के बाद होलिका दहन किया गया। हालांकि इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 1:26 से 1:38 तक है, लेकिन सरकारी होलिका दहन सहित कई इलाकों में अधिकतर स्थानों पर गोधूलि बेला में ही होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पहले विधि विधान से पूजा पाठ और मंत्र उच्चारण किया गया और इसके बाद होलिका दहन किया गया। होलिका दहन पर महिलाओं ने परंपरागत गीत गाते हुए होली व प्रहलाद की पूजा अर्चना की और होली के परिक्रमा लगाकर परिवार की सुख-शांति की कामना की। इस बार कल 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण कई जगह कल धुलंडी मनाई जाएगी। वहीं कई जगह 4 मार्च को रंगों का पर्व घुलंडी मनाया जाएगा।
गणगौर पूजन शुरू, 16 दिन चलेंगे
होलिका दहन होने के साथ ही कल से राजस्थानी लोक संस्कृति के पर्व गणगौर माता का पूजन शुरू होगा। राजस्थान में महिलाओं के सबसे बड़े पर्व गणगौर का पर्व कल से शुरू होगा, जो 16 दिन तक चलेगा। 16 दिन तक नवविवाहित और अविवाहित युवतियां गणगौर माता का पूजा करेंगी और 16 दिन बाद गणगौर माता की सवारी के साथ ही गणगौर माता का विसर्जन होगा। इस दौरान नवविवाहिताएं और अविवाहित युवतियां गणगौर माता का पूजन करेंगी। माना जाता है कि नवविवाहित युवतियां अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख शांति के लिए गणगौर का पूजन करती हैं। जबकि अविवाहित युवतियां अच्छे पति और अच्छे ससुराल के लिए गणगौर माता से कामना करती हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *