पाकुड़ में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल का कारण 17 फरवरी को लिट्टीपाड़ा में हुई एक घटना है। उस दिन फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट की गई थी। ग्रामीणों ने एएनएम शीलू शालिनी, रिंकू निशि हेम्ब्रम और एमपीडब्ल्यू चार्ल्स को बंधक बना लिया था। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी एक सप्ताह तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस कारण सदर अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे मुख्य गेट पर धरने पर बैठे हैं। ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। केवल आपातकालीन सेवाएं ही चालू हैं। स्वास्थ्य विभाग के सभी एसोसिएशन इस हड़ताल में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर देंगे। स्वास्थ्य विभाग के सभी एसोसिएशन इस हड़ताल में शामिल हैं। इससे पहले भी स्वास्थ्य कर्मियों ने पुराना सदर अस्पताल से लेकर पूरे शहर में आक्रोश प्रदर्शन किया था। उन्होंने जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। धरने पर बैठे कर्मियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।


