फिजिकल हेल्थ- हेल्थ के लिए क्रिटिकल बायोटिन:शरीर में करता ये 10 जरूरी काम, डेफिशिएंसी के 11 संकेत, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें

हेयरफॉल, स्किन पर रैशेज और थकान को अक्सर लोग कॉमन समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये लक्षण कुछ मामलों में बायोटिन की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। बायोटिन हमारे शरीर में इन तीन कामों में क्रिटिकल भूमिका निभाता है– ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, हर 100 में से 30 प्रेग्नेंट महिलाओं को बायोटिन डेफिशिएंसी होती है। बायोटिन डेफिशिएंसी के साथ बड़ी समस्या ये है कि इसके लक्षण इतने कॉमन होते हैं कि इन्हें समझना मुश्किल होता है। इसलिए फिजिकल हेल्थ में आज बायोटिन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- बायोटिन क्या है? यह विटामिन है या मिनरल? जवाब- बायोटिन मिनरल नहीं, बल्कि एक विटामिन है। ‘विटामिन B7’ को बायोटिन कहते हैं। यह एक वॉटर-सॉल्यूबल विटामिन है। यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन के मेटाबॉलिज्म (भोजन को एनर्जी में बदले की प्रक्रिया) में अहम भूमिका निभाता है। सवाल- बायोटिन शरीर में क्या काम करता है? जवाब- बायोटिन एंजाइम्स को एक्टिव करके भोजन को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। बायोटिन बाल, स्किन और नाखूनों को हेल्दी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह नर्वस सिस्टम के सही कामकाज में मददगार होता है। इसके सभी जरूरी काम ग्राफिक में देखिए- सवाल- बायोटिन शरीर के लिए जरूरी क्यों है? जवाब- शरीर को हर फंक्शन के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को बनाने में बायोटिन शरीर की मदद करता है। इसकी कमी से- सवाल- हमारा शरीर बायोटिन को एनर्जी में कैसे बदलता है? जवाब- बायोटिन खुद ऊर्जा नहीं देता, बल्कि को-एंजाइम की तरह काम करता है। सवाल- शरीर में बायोटिन डेफिशिएंसी क्यों होती है और किन लोगों को इसका रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- इन सभी कंडीशंस में शरीर में बायोटिन की कमी हो सकती है- किन लोगों को बायोटिन डेफिशिएंसी का रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- क्या लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाइयां लेने से भी बायोटिन डेफिशिएंसी हो सकती है? जवाब- हां, लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स लेने से बायोटिन की कमी हो सकती है। सवाल- बायोटिन डेफिशिएंसी होने पर क्या लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं? जवाब- बायोटिन की कमी होने पर बाल झड़ना, स्किन पर रैश, नाखून कमजोर होने और थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को रोजाना कितनी मात्रा में बायोटिन की जरूरत होती है? जवाब- स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन औसतन 30 माइक्रोग्राम (mcg) बायोटिन पर्याप्त माना जाता है। इतनी मात्रा से शरीर की सामान्य जरूरतें पूरी हो जाती हैं। अगर कोई महिला ब्रेस्टफीडिंग करा रही है तो उसे लगभग 35 mcg की जरूरत हो सकती है। सवाल- क्या ज्यादा बायोटिन लेने से भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब- अगर भोजन के जरिए सामान्य से ज्यादा बायोटिन लिया गया है तो यह आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। सवाल- बायोटिन की पूर्ति के लिए डाइट में कौन से फूड शामिल करने चाहिए? जवाब- बायोटिन की पूर्ति के लिए डाइट में बादाम, अखरोट, मूंगफली और सूरजमुखी के बीज जैसे नट्स और सीड्स शामिल करने चाहिए। बायोटिन के सभी सोर्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? जवाब- इन सभी कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है- बायोटिन सप्लीमेंट से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या सिर्फ डाइट से बायोटिन की जरूरत पूरी हो जाती है या सप्लीमेंट लेना जरूरी है? जवाब- ज्यादातर लोगों में संतुलित डाइट से बायोटिन की जरूरत पूरी हो जाती है। सप्लीमेंट तब जरूरी होता है, जब डेफिशिएंसी या कोई मेडिकल कंडीशन हो। सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट किसे लेना चाहिए? जवाब- इन्हें बायोटिन सप्लीमेंट लेना चाहिए- सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट कितनी मात्रा में लेना चाहिए? जवाब- आमतौर पर 30-100 mcg पर्याप्त होता है, लेकिन सही डोज डॉक्टर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार तय करते हैं। सवाल- क्या बायोटिन सप्लीमेंट रोज ले सकते हैं? जवाब- हां, जरूरत होने पर रोज लिया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट लेने का सही समय और तरीका क्या है? जवाब- इसे खाने के बाद पानी के साथ लेना बेहतर होता है, ताकि अवशोषण अच्छा रहे और पेट पर असर न पड़े। इसे ब्रेकफास्ट या लंच के बाद लेना चाहिए, डिनर के बाद नहीं। सवाल- क्या खाली पेट बायोटिन सप्लीमेंट ले सकते हैं? जवाब- हां, ले सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों में हल्की गैस या असहजता हो सकती है। इसलिए भोजन के साथ लेना बेहतर है। सवाल- क्या अन्य विटामिन्स के साथ बायोटिन सप्लीमेंट ले सकते हैं? जवाब- हां, बायोटिन को अन्य बी-विटामिन्स या मल्टीविटामिन्स के साथ लिया जा सकता है, पर ओवरडोज ध्यान रखें कि किसी सप्लीमेंट का ओवरडोज न हो। ………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- सलमान के पिता को हुआ ब्रेन हेमरेज: न्यूरोलॉजिस्ट से जानें क्या है ये मेडिकल कंडीशन, शुरुआती संकेत, किसे ज्यादा रिस्क बॉलीवुड के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान को हाल ही में ब्रेन हेमरेज हुआ। ब्रेन हेमरेज का मतलब ‘ब्रेन की नस का फटना है।’ नस फटने पर ब्रेन के अंदर खून जमा होने लगता है, जिससे बने दबाव के कारण ब्रेन के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यह जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है। पूरी खबर पढ़िए…

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