भास्कर न्यूज | लुधियाना मां दुर्गा शक्ति मंदिर की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं होली उत्सव का भव्य शुभारंभ रविवार को चिन्टी कोठी सिविल सिटी में हुआ। कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी जहां भक्तिमय भजनों पर झूमते भक्तों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया। कथा व्यास विशाल कृष्ण शास्त्री ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि जीवन की सार्थकता के लिए भक्ति, ज्ञान और वैराग्य तीनों का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि केवल भक्ति हो और ज्ञान व वैराग्य न हो तो भक्ति पूरी तरह प्रफुल्लित नहीं हो पाती। जिस प्रकार शरीर के लिए प्राण आवश्यक हैं, उसी प्रकार आत्मा की शुद्धि के लिए भागवत कथा का श्रवण जरूरी है। कथा के दौरान आत्मदेव जी और धुंधकारी के प्रसंग ने भक्तों को भावुक कर दिया। शास्त्री ने आज के परिवेश से जोड़ते हुए कहा कि धुंधकारी का चरित्र वास्तव में आज के कलयुग का ही एक स्वरूप है। वर्तमान समय में बच्चों में संस्कारों का जो अभाव दिख रहा है और जो दुर्गुण आ रहे हैं उसका मुख्य कारण धर्म से दूरी है। इन दुर्गुणों को केवल माता-पिता के अच्छे संस्कार, श्रीमद्भागवत की अमृतवाणी और गोविंद का नाम ही दूर कर सकता है। इस भव्य आयोजन की अध्यक्षता पार्षद पुष्पेंद्र भनोट बिट्टू और पं. भोला भारद्वाज द्वारा की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान ललित गुप्ता परिवार ने सविधि पूजन संपन्न किया। आयोजन को सफल बनाने में सेवादार रोहित साहनी, हैप्पी कालरा, रोहित भनोट, जसवंत सिंह, सुनील वालिया, अशोक जैन और रमन पुरी का विशेष सहयोग रहा। आगामी 4 मार्च को वृंदावन की धुन पर पुष्प होली का विशेष आयोजन किया जाएगा।


