संस्थापक दिवस:सतरंगी रंग में रंगा शहर… जुबिली पार्क 20.5 लाख एलईडी लाइटों से दमका

संस्थापक दिवस पर इस वर्ष जुबिली पार्क 20.5 लाख एलईडी मिनी लाइटों से जगमगा उठा, जो अब तक की सबसे बड़ी सजावट है। इसके साथ ही कदमा-सोनारी लिंक रोड पर 8 लाख एलईडी और शहर की हेरिटेज बिल्डिंगों व गोल चक्करों पर 80 लाख से अधिक एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। पूरे शहर में रोशनी की यह भव्य सजावट टाटा की परंपरा और जमशेदपुर की विशिष्ट पहचान को और भव्य रूप में दिखा रही है। रविवार शाम 6:27 बजे एन. चंद्रशेखरन ने जेएन टाटा की प्रतिमा के पास स्विच ऑन कर विद्युत सज्जा का उद्घाटन किया। उद्घाटन निर्धारित समय से तीन मिनट पहले हुआ। इसके बाद टीवी नरेंद्रन सहित वरीय पदाधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों ने संस्थापक को श्रद्धांजलि दी। ‍3 से 6 मार्च तक आम लोग एलईडी सजावट का आनंद ले सकेंगे। शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक पैदल प्रवेश मिलेगा। रात 10 बजे से 11 बजे तक लोग वाहनों से जुबिली पार्क के अंदर जा सकेंगे। पैदल प्रवेश सीएफई, साकची और निक्को पार्क गेट से होगा, जबकि निकासी सीएफई, साकची और पारसी गेट से होगी। वाहनों का प्रवेश और निकासी केवल सीएफई गेट से होगी। 4 मार्च (होली) को लाइटिंग तो रहेगी, लेकिन पार्क में आम लोगों का प्रवेश बंद रहेगा। रतन टाटा की तस्वीर रही मुख्य आकर्षण इस वर्ष श्रद्धांजलि स्वरूप रतन टाटा का विशाल पोर्ट्रेट एक लाख फूलों से तैयार किया गया, जो शहरवासियों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। पार्क में संस्थापक जेएन टाटा और रतन टाटा के चित्रों को विशेष रूप से डिस्प्ले किया गया है। जुबिली पार्क की सजावट में कबूतर, तितली, हाथी, शेर, मोर, बंदर, कमल, गुलाब और ट्यूलिप के डिजाइन वाली लाइटें शामिल हैं। इनके साथ सतरंगी रोशनी और रंगीन वाटर फाउंटेन पार्क को अनोखा रूप दे रहे हैं। झारखंड बनेगा नॉलेज इंडस्ट्री हब; टाटा ग्रुप सीएसआर फंड बढ़ाकर विकास करेगा झारखंड सरकार राज्य को नॉलेज इंडस्ट्री का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है और इसके लिए वह टाटा ग्रुप के साथ मिलकर काम करना चाहती है। ताकि मानव संसाधन का बेहतर उपयोग कर झारखंड को राष्ट्र के विकास से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में हुई मुलाकात के दौरान यह प्रस्ताव एन.चंद्रशेखरन और ट्रस्ट चेयरमैन नोएल टाटा के सामने रखा। संस्थापक दिवस पर सोमवार को जुबिली पार्क में विशेष लाइटिंग का उद्घाटन नोएल टाटा ने किया। इस मौके पर एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि नॉलेज इंडस्ट्री में साझेदारी एक दीर्घकालिक पहल होगी, जिसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। टाटा ग्रुप राज्य के स्किल डेवलपमेंट में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा तथा सीएसआर फंड बढ़ाकर विकास कार्यों में योगदान देगा। मौके पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन, वीपी सीएस डीबी सुंदर रामम आदि मौजूद थे। क्या है नॉलेज इंडस्ट्री… कोल्हान यूनिवर्सिटी की पूर्व वीसी सह अर्थशास्त्री डॉ. शुक्ला मोहंती ने बताया कि नॉलेज इंडस्ट्री वह क्षेत्र है जहां उत्पाद या सेवा का मूल्य ज्ञान, रिसर्च, कौशल और बौद्धिक संसाधन से पैदा होता है, न कि मशीनरी या कच्चे माल से। इसमें आईटी-सॉफ्टवेयर, शिक्षा, रिसर्च-डेवलपमेंट, मीडिया-कंटेंट, कंसल्टेंसी, हेल्थकेयर नॉलेज सेक्टर और क्रिएटिव इंडस्ट्री शामिल हैं। यह तेजी से बदलने वाला, तकनीक और नवाचार पर आधारित क्षेत्र है जिसमें मानव पूंजी ही सबसे बड़ा संसाधन होती है।

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