भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में सोमवार को होली उत्सव मनायाा गया। इससे पहलें श्री दुर्ग्याणा कमेटी की अध्यक्षता में ‘होली के रंग राधा कान्हा के संग’ उत्सव में शोभायात्रा भी निकाली गई। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू होकर पालकी यात्रा सरोवर किनारे के सभी मंदिरों से होते हुए वापस पहुंची। पालकी यात्रा में श्री ठाकुर जी को विराजमान करके सभी भक्तों ने मिलकर गुलाल होली खेली। यात्रा की पालकी की पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद कान्हा जी और बलराम जी को एक साथ विराजमान करके शोभायात्रा निकाली। जैसे ही श्री ठाकुर जी को पालकी में विराजमान किया तो सभी भक्तों ने हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल जी के जयकारे लगाए। इसी के साथ सभी भक्तों ने हाथों में पकड़ा गुलाल रंग ठाकुर जी पर डालना शुरू किया। श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में होली खेलते भक्त। होली के इस उत्सव में सारा तीर्थ परिसर और असमान लाल, नीले पीले और गुलाबी रंगों से भर गया। जिस तरफ नजर गई हरेक भक्तजन का चेहरा रंगों में छिपा नजर आया। ऐसा लग रहा था जैसे बाल गोपाल बने भक्त वृंदावन या बरसाने में कान्हा के साथ होली खेल रहे हों। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू होकर पालकी शोभायात्रा सरोवर किनारे शनि मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास मंदिर और वेदकथा भवन में पहुंची। पालकी यात्रा के आगे-आगे श्री हरिनाम संकीर्तन मंडल के संजीव खन्ना ने जैसे ही ‘होली खेल रहियों नंदलाल हमारे अंगना में’ भजन गाया तो परिसर में मौजूद हरेक भक्तजन गुलाल उड़ाकर नाचने लगा। पालकी शोभायात्रा में भक्त एक-दूसरे पर रंग डालकर होली खेलता नजर आया। सरोवर किनारे मंदिरों के बाद पालकी यात्रा दुर्ग्याणा आफिस के बाहर पहुंची। जहां सभी सेवादारों ने केसू के फूलों से तैयार प्राकृतिक रंग श्रद्धालुओं पर चारों तरफ से पिचकारी से रंग डाले गए। इस उत्सव में हरेक भक्त नाचता दिखाई दिया। इस मौके पर मंदिर कमेटी ने सदस्यों ने बताया कि 4 मार्च शाम 5 बजे मंदिर में फूल डोल होली खेली जाएगी। जिसमें गुलाब और गेंदा के फूल ठाकुर जी पर डाले जाएंगे।


