पाली में सोमवार की शाम शुभ मुहूर्त में होलिका दहन शहर के विभिन्न मोहल्लों में किया गया। इस दौरान बच्चों को दूल्हे के रूप में तैयार कर होलिका दहन स्थल पर कई परिवार घोड़ी पर बिठाकर लाए। ढोल और बैंडबाजों पर नाचते हुए होलिका दहन स्थल पहुंचे। फिर इन दूल्हों को उनके काका व मामा ने गोद में उठाकर होली के फेरे लगवाने की परंपरा निभाई। मान्यता है कि ऐसा करने से बच्चा बुरी नजर से बचा रहता है। कई जगह होली दहन के बाद युवा चंग की थाप पर फाग गीत गाते, डांस करते नजर आए। वहीं कई स्थानों पर DJ की धुनों पर भी युवाओं ने डांस किया। होली के चारों तरफ आकर्षक रंगोली सजाई गई। होली को महिलाओं ने चुनरी ओढ़ाई और विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की। कई जने होली दहन की आग में गेंहू की बालियां सेंकते नजर आए। पाली में शाम 6:22 से 8:53 तक होली दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त माना गया था, ऐसे में ज्यादातर जगह इसी समय के अनुसार होलिका दहन किया गया। जगह-जगह पुलिस जाप्ता तैनात
होली पर्व पर सुरक्षा को लेकर पाली शहर के प्रमुख चौराहों और मोहल्लों में सोमवार को पुलिस के जवान तैनात नजर आए। एएसपी जयसिंह तंवर ने बताया कि पाली शहर में 386 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में ड्यूटी पर लगाया है। इसके साथ ही पुलिस की गाड़ियों से भी शहर में राउंड किया जा रहा है।


