अमृतसर| 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा सिंह राशि में होकर केतु के साथ संयोग करके ग्रहण योग बनेगा। यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इसका सूतक काल सुबह 6.20 बजे से मान्य होगा। सूतक काल दौरान किसी भी तरह का शुभ काम करना वर्जित होता है। ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इसलिए शहर के सभी मंदिरों में सुबह 6.20 बजे से पहले देवी-देवताओं को आरती और राज भोग लग जाएगा। यह ग्रहण काल शाम 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और मंदिरों को कपाट खुल जाएंगे। जिसमें बैठकर भक्त हरिनाम संकीर्तन करेंगे। वहीं शाम को भद्रा का साया भी है इसलिए ग्रहण काल और भद्रा दोनों ही अशुभ है। शाम 6:26 बजे से लेकर 6:46 बजे के बीच चंद्र ग्रहण का कुछ हिस्सा दिखाई देने की संभावना है। ग्रहण काल में गर्भवती महिलाएं सोने की बजाय संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप करें। वहीं चाकू से कोई भी चीज काटकर न खाएं। ग्रहण शाम 6:20 बजे के बाद खत्म होगा और सारे देवी-देवताओं के विग्रहों और मंदिरों को दूध से स्नान करवाया जाएगा। वहीं ग्रहण के बाद लोग दरिया और सरोवर में जाकर स्नान करके खुद को ग्रहण मुक्त करेंगे। वहीं रात करीब साढ़े 7 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद साढ़े 9 बजे शयन आरती होगी।


