रायपुर में इन दिनों तेजी से एक गूगल फॉर्म सोशल मीडिया में जारी हो रहा है। यह फॉर्म किसी सर्वे का नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग में संविदा पदों पर भर्ती के लिए है। दरअसल, रायपुर जिले की स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 151 संविदा पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। जारी विज्ञापन के मुताबिक अभ्यर्थी गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। हालांकि पंजीकृत डाक से भेजे गए आवेदन भी मान्य होंगे, लेकिन थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर डेटा सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, रायपुर जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 151 पदों पर भर्ती की जानी है। जिले के 33 में से 31 स्कूलों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कलेक्टर कार्यालय से विज्ञापन जारी किया गया। बड़ा सवाल- विभाग के पास क्या बेरोजगारों का नंबर, जिसके जरिए गूगल फॉर्म वायरल किया जा रहा? इन पदों पर की जानी है भर्ती
जिले के 33 में से 31 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 151 पदों पर भर्ती की जानी है। इसमें व्याख्याता, प्रधानपाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला, ग्रंथपाल, सहायक ग्रेड-3, भृत्य और चौकीदार जैसे पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों का चयन मेरिट आधार पर किया जाना है। वहीं एक पद के लिए 10 उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। भास्कर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी, साइबर एक्सपर्ट केंद्र डेटा प्राइवेसी की बात कर रहा और हम अपना डेटा विदेशी कंपनियों को दे रहे भर्ती प्रक्रिया में अगर ऑनलाइन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है तो ये अच्छा है। इसका स्वागत होना चाहिए, लेकिन सरकारी कामकाज के लिए सरकारी तंत्र का उपयोग हो न कि प्राइवेट कंपनियों का। हमारे पास खुद के डेटा सेंटर हैं। एनआईसी, gov.in जैसे सर्वर हैं। बावजूद इसके हम निजी कंपनी का उपयोग करते हुए अपना डेटा थर्ड पार्टी को दे रहे हैं, ये गलत है। इससे प्राइवेसी को भी खतरा है। हमारे देश के लोगों की जानकारी गूगल को क्यों जाए, सबकी प्राइवेसी का ध्यान रखना चाहिए। भर्ती परीक्षाओं में आवेदन की प्रक्रिया राज्य में आयोजित सभी भर्ती प्रक्रियाओं में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। यूपीएससी, पीएससी, सीजी व्यापमं, एनटीए सहित तमाम एजेंसियां भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाती हैं। इसके लिए तमाम एजेंसियां सरकारी वेबसाइट का ही प्रयोग करती हैं। डेटा प्राइवेसी पर उठ रहे सवाल? सरकारी भर्ती प्रक्रिया में आवेदन फॉर्म भरने के लिए सामान्यतः NIC, शासकीय पोर्टल या राज्य डेटा सेंटर का उपयोग किया जाता रहा है। ऐसे में गूगल जैसे निजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन मंगाए जाने को लेकर तकनीकी और कानूनी सवाल उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के जारी किए गए गूगल फॉर्म में अभ्यर्थियों का नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता, संपर्क विवरण सहित अन्य व्यक्तिगत जानकारी ली जा रही है। बड़ी संख्या में संभावित आवेदकों के कारण यह संवेदनशील डेटा बड़े पैमाने पर थर्ड पार्टी सर्वर पर जाएगा। यह सुरक्षित, डेटा चोरी का खतरा नहीं, मेरिट लिस्ट बनाने में आसानी होगी भर्ती प्रक्रिया में गूगल फॉर्म पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इससे डेटा चोरी होने का कोई खतरा नहीं है। इस प्रक्रिया से हमें मेरिट लिस्ट तैयार करने में आसानी होती है। इसके बाद आवेदनों की जांच सहित अन्य सभी प्रक्रिया का पूरी पारदर्शिता से पालन किया जाता है।- हिमांशु भारतीय, डीईओ


