भास्कर न्यूज | बालोद प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेंटर ग्राम पीपरछेड़ी में आध्यात्मिक ज्ञान मंच का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिव बाबा के 90वें जन्मोत्सव की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्माकुमारी सरस्वती और विशेष अतिथि के रूप में उपसरपंच सुनीति साहू, चिदाकाश आर्य, गायत्री परिवार कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार सिन्हा, एवं अनुराधा, उमेंद रहे। मुख्य अतिथि ब्रह्माकुमारी सरस्वती ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिव ही परमात्मा हैं और हम सभी आत्मा उनके अंश हैं। उन्होंने बताया कि अपने वास्तविक स्वरूप को जानना ही सर्वोच्च ज्ञान है। अज्ञान के कारण मनुष्य दुखी, परेशान और चिंतित रहता है और जीवन में आनंद एवं शांति प्राप्त नहीं होती। इसके लिए आत्मज्ञान और आध्यात्मिक प्रशिक्षण आवश्यक है। विशेष अतिथि राजेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए साधना करना जरूरी है। भगवान शिव स्वयं आत्मकल्याण एवं विश्व कल्याण हेतु हिमालय में साधना में लीन रहते हैं। उनके सिर से हर समय ज्ञानगंगा प्रवाहित होती रहती है और चंद्रमा की शीतल प्रकाश उनके भक्तों को प्राप्त होती रहती है। शिव के साधक का तृतीय नेत्र रूपी विवेक हमेशा जाग्रत रहता है। उन्होंने कहा कि शिव के साधक को अपने जीवन में सत्य को अपनाना चाहिए, जिससे उनका जीवन आनंदमय और सुंदर बन सके।


