प्रतापगढ़ में रंगों के पावन पर्व होली से एक दिन पहले शहरभर में धार्मिक आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शुभ मुहूर्त में शहर के मुख्य गांधी चौराहे पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बना रहा। होलिका दहन से पहले पंडितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना करवाई गई। श्रद्धालुओं ने अग्नि प्रज्ज्वलित होते ही सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। महिलाओं ने होलिका की परिक्रमा कर घर-परिवार की मंगलकामना की, वहीं बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। लोग एक-दूसरे को होली की अग्रिम शुभकामनाएं देते नजर आए। कॉलोनियों में हुआ सामूहिक होलिका दहन केवल गांधी चौराहा ही नहीं, बल्कि शहर की विभिन्न कॉलोनियों और गलियों में भी सामूहिक रूप से होलिका दहन के आयोजन किए गए। कानी कॉलोनी सहित कई मोहल्लों में स्थानीय लोगों ने मिलकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका जलाई। हर जगह उत्सव जैसा माहौल रहा और परिवारों ने एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाया। परंपरा के अनुसार लोगों ने नई फसल की बालियों को अग्नि में अर्पित कर अच्छी पैदावार और समृद्धि की कामना की। यह परंपरा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आज भी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। धुलंडी को लेकर भी दिखा उत्साह होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। होलिका दहन के सफल आयोजन के बाद अब प्रतापगढ़ में धुलंडी को लेकर उत्साह चरम पर है। बुधवार को शहरभर में रंग-गुलाल के साथ होली खेली जाएगी। बाजारों में पिचकारियों, गुलाल और रंगों की खरीदारी भी तेज हो गई है, जिससे पूरे शहर में त्योहार का रंग साफ नजर आ रहा है।


