जोधपुर शहर में होलिका दहन सोमवार की रात को किया गया। होली दहन के अगले दिन धुलंडी/रामाश्यामा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे को होली पर्व को शुभकामनाएं देते हैं। इसी को लेकर बिजोलाई बालाजी आश्रम के महंत ओर महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी महाराज ने खास सलाह दी है।उन्होंने कहा कि होली के दूसरे दिन रामाश्यामा का पर्व मिलाने का दिन है। इस दिन यदि किसी से मतभेद भी हो तो उससे मिलकर क्षमा मांगे और गले मिलकर सारें मतभेद भुला दें, क्योंकि ये दिन प्रेम से रहने ओर गले मिलने का दिन है।
सोमेश्वर गिरी महाराज ने कहा कि होली बसंत का पर्व है। बसंत यानि खुशियां। बसंत में पेड़ों पर पत्ते नए आते हैं, नए पुष्प आते हैं। ठीक उसी प्रकार से जीवन में भी खुशियां आती है, परिवर्तन होते हैं। होली रात्रि में जलाई जाती है। उसके दर्शन कर परिक्रमा करनी चाहिए। होली दहन के अगले दिन रामाश्यामा के दिन लोग रंगों से होली खेलते हैं, लेकिन इस दिन केमिकल नहीं लगाना चाहिए। केमिकल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसकी जगह पलाश या रोहिड़े के पुष्पों को भिगोकर कलर बनाना चाहिए। यदि वो नहीं है तो आजकल कई जगहों पर ऑर्गेनिक कलर या गुलाल भी मिलते हैं जो पुष्पों से बनते हैं उसे काम में ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले हमारे यहां होली के दूसरे दिन लोग गैर लेकर एक दूसरे के घर मिलने जाते थे, वहां नाचते थे। एक दूसरे को मनुहार करते थे। आपस में यदि किसी की कोई खटपट भी होती थी तो उस दिन सभी गले मिलकर पुरानी बातों, गिले शिकवों को भुला देते थे। इसमें जाति पाती नहीं देखो जाती थी। सभी जातियों के लोग एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते थे।
क्योंकि हम परमात्मा की भी प्रार्थना करें तो क्षमा जरूर मांगनी चाहिए। यदि किसी से भी कोई मतभेद हो तो इस दिन इसे दूर करना चाहिए। जिससे झगड़ा हो रखा हो या मतभेद हो उसके घर जाकर क्षमा मांगनी चाहिए। क्योंकि ये मिलाप का दिन भी है। गले मिलने का दिन है। इस दिन किसी भी प्रकार का द्वेष नहीं रखें और प्रेम से रहें। क्योंकि प्रेम ही जीवन का सार है। नशा करने वाले गलत आजकल होली के मौके कई लोगों ने इसका गलत अर्थ निकाल दिया है। कई लोग शराब पीकर या हुड़दंग करते हैं ये अच्छा नहीं है। होली नशे का नहीं बल्कि प्रेम ओर एक दूसरे के साथ मतभेद भुलाकर गले मिलने का त्योंहार है। इसलिए इस दिन को सभी प्रेमपूर्वक रहें यदि किसी से कोई मतभेद भी है तो उससे क्षमा मांगकर नई शुरुआत करें।


