होली के मौके सोमवार रात जोधपुर में होलिका दहन का अनोखा नजारा देखने को मिला। शहर के भीतरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हर मोहल्ले-गांव में होलियां सजीं और चंग और-मजीरे की थाप पर प्रज्ज्वलित हुईं। शहर के सरदारपुरा, रातानाडा, चौपासनी, बासनी, कुड़ी सहित प्रमुख स्थानों पर होलिका दहन किया गया। इस मौके नागौरी गेट के पास अधरशिला पहाड़ी के पास चौक में ट्रॉय ट्रेन वाली होलिका भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। वहीं होलिका दहन से पहले महिलाओं-पुरुषों ने होलिका की परिक्रमा लगाई। इतना ही नहीं बच्चे-बूढ़े ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते गाते भी नजर आए। इस अवसर पर परम्परा का संगम भी देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में तो गेहूं की बालियों की सिकाई का रिवाज भी निभाया गया। किसानों ने होली की आग में बालियां सिकाईं, जिससे फसल अच्छी हो। होलिका दहन के बाद लोगो ने परिक्रमा कर होलिका माता से खुशहाली और आरोग्यता की कामना की। महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ परिक्रमा की। यहां भी हुए आयोजन सरदारपुरा 11वीं बी रोड जैन टेंपल के पास स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से होली मनाई। पारंपरिक तरीके से पूजा के बाद होलिका दहन किया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विधिवत पूजा के साथ होली के परिक्रमा की। होली को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों तक में जबरदस्त उत्साह रहा। स्थानीय निवासी मांगीलाल नागल ने बताया कि यहां कॉलोनी में लोगों ने पारंपरिक तरीके से होलिका दहन किया और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर होली की शुभकामनाएं दी। रातानाडा में गोबर से बनाई होलिका जोधपुर के रातानाडा सुभाष चौक में भी मोहल्ले के लोगों ने मिलकर गोबर के कंडो वाली होलिका बनाई और दहन किया। इसके बाद सभी के परिक्रमा लगाकर होलिका माता से बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। वहीं लोगों ने शगुन के तौर पर गेहूं के बालियों की सिकाई भी की। बच्चों से लेकर बड़ों तक में होलिका दहन को लेकर उत्साह नजर आया।


