झुंझुनूं में सीकर-झुंझुनूं-लोहारू मार्ग पर बन रहा आरओबी:जनवरी 2027 तक जाम से मिलेगी राहत, निर्माण में खर्च होंगे 51.88 करोड़

झुंझुनूं शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले सीकर-झुंझुनूं-लोहारू मार्ग के रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस लाइन के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का काम अब धरातल पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। करीब ढाई महीने से निरंतर चल रहे कार्य के बाद अब प्रोजेक्ट की तस्वीर स्पष्ट नजर आने लगी है। 51.88 करोड़ की लागत, 567 लाख जारी इस आरओबी परियोजना की लागत 51.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए अब तक 567 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। 28 अक्टूबर 2025 को दोबारा शुरू हुए निर्माण कार्य से स्थानीय निवासियों में उत्साह है। रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले लंबे जाम से रोजाना जूझ रहे लोगों को अब स्थायी समाधान की उम्मीद बंधी है। परियोजना की समयबद्ध पूर्णता काफी हद तक रेलवे और राज्य सरकार के आपसी समन्वय पर निर्भर है। फंडिंग पैटर्न: कुल लागत में रेलवे की 50 प्रतिशत वित्तीय भागीदारी अपेक्षित है। समय सीमा: जनवरी 2027 की डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए कार्य की गति बढ़ाई गई है। झुंझुनूं विधायक राजेन्द्र भांबू ने परियोजना को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और रेलवे की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर तय समयसीमा में कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। कनेक्टिविटी और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा प्रोजेक्ट डायरेक्टर परशुराम वर्मा के अनुसार, संसाधनों में बढ़ोतरी की जा रही है ताकि रेलवे से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होते ही ट्रैक के ऊपर बनने वाले सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से का कार्य तेजी से पूरा किया जा सके। आरओबी के निर्माण से न केवल शहर का यातायात सुगम होगा, बल्कि लोहारू और सीकर के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यह परियोजना झुंझुनूं के शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।

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