धौलपुर की 50 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर:सेनेटरी पैड बनाकर दे रहीं रोजगार, बुजुर्ग महिलाओं की समस्याओं को देखकर आया आइडिया

धौलपुर जिले के सैंपऊ उपखंड में पप्पी सक्सेना, शारदा देवी और मंधा देवी ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उनके छोटे से प्रयास से शुरू हुआ सेनेटरी पैड निर्माण का कार्य अब एक सफल लघु उद्योग बन गया है, जिसकी मांग धौलपुर सहित राजस्थान के कई जिलों में है। पप्पी सक्सेना के अनुसार सेनेटरी पैड बनाने का विचार उन्हें गांव की बुजुर्ग महिलाओं की समस्याओं को देखकर आया। बाजार में मिलने वाले महंगे पैड ग्रामीण महिलाएं खरीद नहीं पाती थीं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती थीं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने यह पहल की। राजीविका के सहयोग से पप्पी ने शारदा देवी और मंधा देवी के साथ मिलकर सेनेटरी पैड निर्माण का कार्य शुरू किया। इस कार्य के लिए तीनों महिलाओं ने 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण लिया, जिसमें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पैड बनाने की विधि सिखाई गई। शुरुआत में आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां सामने आईं, लेकिन धीरे-धीरे काम बढ़ता गया। आज उनके साथ 25 ग्रामीण महिलाएं सेनेटरी पैड निर्माण से जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 पैड तैयार करती हैं। ये सेनेटरी पैड शुद्ध कॉटन से बनाए जाते हैं और इनमें एलोवेरा चिप लगाई जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है। लगभग 12 घंटे तक सुरक्षित रहने वाले ये पैड महिलाओं को आरामदायक और स्वच्छ अनुभव प्रदान करते हैं। सेनेटरी पैड के अलावा पप्पी के समूह द्वारा चप्पल और दोना-पत्तल बनाने का कार्य भी किया जा रहा है, जिसमें लगभग 30 महिलाएं कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त उनकी सहयोगी राजेश के नेतृत्व में लोअर, पेंट-शर्ट और ऑर्डर पर स्कूल ड्रेस भी तैयार की जाती हैं। इस छोटे से प्रयास ने अब तक धौलपुर जिले की लगभग 50 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। ये महिलाएं अब अपने परिवार के पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और उन्हें परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आत्मनिर्भरता की नई राह
पप्पी सक्सेना की यह कहानी साबित करती है कि मजबूत इरादों और सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव संभव है। उनकी पहल न केवल स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई प्रेरणा भी दे रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *