टोंक जिले में सोमवार रात पूजा-अर्चना के बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अधिकांश स्थानों पर मध्यरात्रि 1:26 बजे से 2:38 बजे के बीच होलिका दहन हुआ। इस दौरान महिला-पुरुषों और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। महिलाओं ने परंपरा अनुसार गेहूं की बालियां सेंककर रीति-रिवाज निभाए। जिला मुख्यालय पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, डिपो, छावनी, अंबेडकर कॉलोनी, पुरानी टोंक, महादेवाली, अन्नपूर्णा डूंगरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित हुए। ज्योतिष के अनुसार सोमवार शाम 6:24 बजे से 6:36 बजे तक 12 मिनट का समय भी शुभ था, लेकिन अवधि कम होने के कारण इस दौरान कम स्थानों पर दहन हुआ। भद्रा काल शाम 5:56 बजे से शुरू होकर अगले दिन सूर्योदय पूर्व 5:28 बजे तक रहने के कारण अधिकांश लोगों ने मध्यरात्रि बाद का समय चुना। मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री के अनुसार 1:26 बजे से 2:38 बजे तक का समय विशेष रूप से श्रेष्ठ रहा। भजन, फाग और सांस्कृतिक कार्यक्रम होलिका दहन से पूर्व कई स्थानों पर होली के गीत और भजन गाए गए। स्थानीय कलाकारों के साथ अन्य स्थानों से आए कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं। कई जगह सांस्कृतिक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिससे वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय बना रहा। आवां कस्बे में भजन संध्या सुबह 4 बजे तक आवां कस्बे में गोपाल भगवान मंदिर के सामने पंडित यांति कुमार भारद्वाज ने विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज ने होलिका दहन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। गोपाल भगवान मंदिर में आयोजित भजन संध्या में गायक कलाकार बुद्धि प्रकाश साहू, महावीर चतुर्वेदी, अनूप साहू, ओमप्रकाश सोनी और प्रवीण पारीख ने धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। यह आयोजन अल सुबह 4 बजे तक चलता रहा। मध्यरात्रि के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरे जिले में होली का पर्व आस्था, परंपरा और उल्लास के साथ मनाया गया।


