बाड़मेर में धुलंडी पर बाजार बंद सड़कों पर रंग नजर आए और रैयाणों और ढूंढ़ोत्सव के साथ घर घर पहुंचकर खेली गई होली। मंगलवार सुबह से ही शहर से लेकर गांव तक बच्चे, युवा और महिलाएं एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते दिखे। गली मोहल्लों और चौराहों पर डीजे साउंड बजे, ढोल की थाप पर युवाओं की टोलियां नाचीं और लोग एक दूसरे के घर पहुंचकर बधाई देते रहे। गली मोहल्लों में डीजे और ढोल की थाप सुबह से ही शहर के अलग अलग इलाकों में डीजे साउंड पर होली के गीत बजते रहे। युवा टोलियां बनाकर गुलाल और कलर लेकर एक दूसरे के घर पहुंचे। ढोल की थाप पर नाचते हुए होली खेली गई। महिलाएं और युवतियां भी घरों के बाहर रंग लगाते और गले मिलते नजर आईं। बच्चों ने गुब्बारों से खेली होली धुलंडी पर बच्चों ने गुलाल और रंगों के साथ जमकर होली खेली। कई जगह बच्चों ने रंग भरे गुब्बारे फेंके। शहर से गांव तक हर कोई रंगों में सराबोर दिखा। दो दिन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे वॉट्सऐप और फेसबुक पर बधाई संदेश भेजने का सिलसिला भी चल रहा था। बाजार बंद, सड़कों पर दिखे युवा धुलंडी के दिन शहर का पूरा बाजार बंद रहा। सड़कों पर रंगों में रंगे युवा घूमते नजर आए। गांवों और शहरों में लोगों ने एक दूसरे के घर पहुंचकर रंग लगाए और शुभकामनाएं दीं। रैयाणों और ढूंढ़ोत्सव का दौर मंगलवार को रैयाणों का सिलसिला भी चलता रहा, जिसमें लोग एक दूसरे के घर होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। पहली होली वाले बच्चों का ढूंढ़ोत्सव भी किया गया। हालरिया गीत गाते हुए बच्चों को होली की परिक्रमा करवाई गई। बीते 24 घंटों से फोन और सोशल मीडिया के जरिए भी होली की बधाइयां दी जाती रहीं।


