राजमंदिर में सेलिब्रेट होगा शोले का 50 साल का जश्न:आईफा की ओर से होगा आयोजन, दुनियाभर में पहचान रखने वाला थिएटर भी पूरे कर रहा 50 साल

​​​​बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में से एक ‘शोले’ के 50 साल पूरे होने पर जयपुर के प्रतिष्ठित सिनेमाघर ‘राजमंदिर’ में 9 मार्च को इसकी विशेष स्क्रीनिंग होगी। इस आयोजन की खास बात यह है कि फिल्म ‘शोले’ और राजमंदिर सिनेमा दोनों ही इस साल अपनी गोल्डन जुबली मना रहे हैं। आईफा अवॉर्ड्स 2025 के तहत इस स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बॉलीवुड की कई दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी। इस दौरान फिल्म से जुड़े अनुभवों को साझा करने के लिए इंडस्ट्री के प्रसिद्ध कलाकार और अन्य महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहेंगे। ‘शोले’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है। यह फिल्म 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई थी और इसे निर्देशक रमेश सिप्पी ने डायरेक्ट किया था। पिछले साल मुंबई में भी फिल्म के 50 साल पूरे होने पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने भी अपने 50 साल पूरे होने का जश्न मनाया था। जेईसीसी में आठ और नौ मार्च को होगा आयोजन
इस साल आईफा अवॉर्ड्स अपनी 25वीं वर्षगांठ को जयपुर में “सिल्वर इज द न्यू गोल्ड” थीम के तहत मना रहा है। 8 मार्च को जयपुर के जेईसीसी (Jaipur Exhibition Convention Centre) में आईफा डिजिटल अवॉर्ड्स होंगे, जिनमें डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के योगदान को सम्मानित किया जाएगा। 9 मार्च को आईफा अवॉर्ड्स का ग्रैंड फिनाले, जिसमें भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ कार्यों और कलाकारों को प्रतिष्ठित आईफा अवॉर्ड्स से नवाजा जाएगा। भारत का ऐतिहासिक सिनेमा हॉल राजमंदिर सिनेमा न सिर्फ जयपुर बल्कि पूरे भारत में अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। राजमंदिर की आधारशिला 1966 में राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया ने रखी थी। इसका उद्घाटन 1 जून, 1976 को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरि देव जोशी ने किया था। इस सिनेमा हॉल में पहली फिल्म ‘चरस’ रिलीज हुई थी। इस सिनेमा हॉल का डिजाइन आर्किटेक्ट डब्ल्यूएम नामजोशी ने किया था। इसके बाहरी हिस्से को नौ सितारों से सजाया गया है, जो नौ रत्नों का प्रतीक हैं। इसके मालिक जयपुर के मशहूर ज्वैलर्स भूरामल राजमल सुराणा हैं। इसमें कई फिल्में हिट रहीं, जिनमें ‘हम आपके हैं कौन’, ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’, ‘नसीब’, ‘शराबी’, ‘अवतार’, ‘मैंने प्यार किया’ और ‘बेटा’ शामिल हैं। जयपुर में दो ऐतिहासिक जश्न एक साथ आयोजकों का कहना है कि ‘शोले’ और राजमंदिर के 50 साल पूरे होने का यह जश्न जयपुर के लिए ऐतिहासिक पल होगा। इस आयोजन के जरिए न सिर्फ भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम सफर को सम्मान दिया जाएगा, बल्कि यह भी दर्शाएगा कि जयपुर सिनेमा प्रेमियों और बड़े आयोजनों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

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