चंद्रग्रहण के चलते आज प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पट बंद हैं। हालांकि धार्मिक नगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। पट बंद होने के चलते श्रद्धालु मंदिर के सामने बैठकर स्तुति व भजन-कीर्तन करते देखे जा रहे हैं। साथ में कई श्रद्धालु रंग-गुलाल उडाते हुए तो कई नाचते-गाते भी देखे गए। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय सूतक काल का प्रभाव माना जाता है, इसलिए मंदिर के प्रवेश और पूजा-दर्शन को वर्जित माना जाता है। इसके चलते मंगलवार सुबह करीब 6:20 बजे से ग्रहण समाप्ति तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। ग्रहण समाप्ति एवं शुद्धिकरण के बाद बुधवार सुबह फिर से दर्शन शुरू होंगे। ग्रहण के दौरान दर्शन व्यवस्था
फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर चंद्र ग्रहण एवं सूतक काल के कारण मंदिर की दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। मंगलवार सुबह 6:30 बजे ग्रहण के सूतक शुरू होने के साथ ही मंदिर के पट बंद कर दिए गए। ग्रहण का मोक्ष शाम 6:47 बजे होगा। ऐसे में 4 मार्च बुधवार सुबह मंदिर की शुद्धिकरण व बालाजी महाराज का पंचामृत अभिषेक, चोला चढ़ाने व सुबह 6 बजे आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोल दिए जाएंगे। ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद रखने की परंपरा शास्त्रों अनुसार प्रचलित है। भक्तों से अपील की गई है कि ग्रहण काल में पूजा-अर्चना करें और ग्रहण के बाद मंदिर शुद्धिकरण के बाद ही दर्शन के लिए आएं।


