मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर बरने नदी में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद में ट्रैक्टर ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना ग्राम पसौरी निवासी सोनू चक्रधारी के साथ हुई, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सोनू चक्रधारी प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण के लिए रेत की ढुलाई कर रहा था। इसी दौरान जिला शहडोल के थाना जैतपुर अंतर्गत दर्शिला चौकी क्षेत्र के दो पुलिसकर्मियों और एक अन्य व्यक्ति पर युवक के साथ कथित मारपीट का आरोप है। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के बाद सोनू की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। सोनू एमसीबी जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही केल्हारी पुलिस मौके पर पहुंची। शव को स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया, जहां पंचनामा कार्रवाई के बाद आगे की प्रक्रिया की गई। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस की एक बोलेरो वाहन बरने नदी में फंस गई थी, जिसे बाद में पुलिस की ओर से थाने ले जाया गया। ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को पकड़ा ग्रामीणों ने एमपी पुलिस के साथ आए एक व्यक्ति को पकड़ लिया, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। क्षेत्र में घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने जताया दुख पूर्व विधायक गुलाब कमरो और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामनरेश पटेल ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए घटनास्थल का जायजा लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल, दोनों राज्यों की पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।


