छत्तीसगढ़ के धमतरी में चंद्र ग्रहण के सूतक काल के कारण मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। धमतरी की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी मंदिर के पट मंगलवार सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक बंद रखे गए हैं। मंदिर के मुख्य फाटक पर ताला लगा दिया गया है और घंटियों को भी रस्सी से बांध दिया गया है। मंदिर के पुजारी नारायण दुबे ने बताया कि चंद्र ग्रहण के कारण मां विंध्यवासिनी मंदिर के पट बंद किए गए हैं। मंगलवार सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर चंद्र ग्रहण का सूतक शुरू हुआ। ग्रहण शाम 6 बजकर 7 मिनट से प्रारंभ होकर 6 बजकर 45 मिनट पर खत्म होगा। पंडित दुबे के अनुसार, यह एक भौगोलिक प्रक्रिया है। ग्रहण काल के दौरान लोगों को पूजा-पाठ के बजाय भजन और कीर्तन करना चाहिए, जिससे जीवन में सरलता आती है। मंदिर के पट शाम 7 बजे आरती के बाद फिर से भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। भक्तों की आस्था और विशेष मान्यता मंदिर दर्शन करने पहुंचे भक्त योगेंद्र साहू ने बताया कि सामान्य दिनों में मां विंध्यवासिनी मंदिर सुबह 5 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है। आज चंद्र ग्रहण के कारण मंदिर बंद है। उन्होंने बताया कि मंदिर के पट पूरे विधि-विधान के साथ खोले और बंद किए जाते हैं। जहां अन्य दिनों में मंदिर में भक्तों की भीड़ और चहल-पहल रहती है, वहीं आज यह पूरी तरह सुनसान नजर आ रहा है। दूर-दराज से भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं। माना जाता है कि मां विंध्यवासिनी सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। धमतरी में किसी भी बड़े कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले मां विंध्यवासिनी के चरणों से की जाती है।


