महवा रसीदपुर के दुल्हापुरा गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। गांव की मुख्य और आंतरिक सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बारिश हो या सामान्य दिन, इन सड़कों पर कीचड़ और पानी भरा रहता है, जिसके कारण राहगीर अक्सर फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण प्रशासन ने गांव में न तो नई सड़कें बनाई गईं और न ही नालियों की उचित व्यवस्था की। नालियों के अभाव में घरों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बहता है, जिससे क्षेत्र में बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस बदहाली का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। उन्हें रोजाना स्कूल जाने के लिए कीचड़ और गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मनोज मीणा, अरविंद मीणा, रक्तदाता फूल सिंह नागर, महेंद्र बेरवा और हरिओम अवस्थी सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दुल्हापुरा गांव का जल्द से जल्द स्थलीय निरीक्षण किया जाए। उन्होंने सड़कों और नालियों का निर्माण कराने की अपील की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।


