कोरोना काल में वितरित मुफ्त अनाज का करोड़ों रु. कमीशन अब तक नहीं मिला

ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की झारखंड इकाई की बैठक डोरंडा में हुई। प्रदेश अध्यक्ष ओंकार नाथ झा ने अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र की मुफ्त खाद्य सुरक्षा योजना पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को जनहित में बताया गया। झारखंड प्रदेश कमेटी ने इसका स्वागत किया। इसे मूल्य आधारित योजना के रूप में लागू करने की मांग की गई। कहा गया कि मुफ्त अनाज वितरण से लाभार्थियों की कार्यक्षमता और दक्षता पर असर पड़ रहा है। जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं का भी शोषण हो रहा है। उन्हें महीनों कमीशन के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कोरोना काल में वितरित मुफ्त अनाज का करोड़ों रुपए कमीशन अब तक नहीं मिला। केंद्र और राज्य सरकार भुगतान नहीं कर सकी है। राज्य सरकार द्वारा सर्वर नेटवर्क को दुरुस्त नहीं करने और 4जी लागू नहीं करने पर आक्रोश जताया गया। कहा गया कि इस कारण इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनों का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कांटे का नवीनीकरण विभाग को करना है, जिसे लंबित रखा गया है। मरम्मत के नाम पर 1700 से 2000 रुपए की वसूली की जा रही है, लेकिन नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। सारी व्यवस्था ऑनलाइन होने के बावजूद राज्य सरकार भारत सरकार के पेपरलेस सिस्टम के सुझावों को लागू नहीं कर रही। इसके बहाने डीलरों का शोषण किया जा रहा है। बैठक में इसका विरोध किया गया। डीएसडी द्वारा समय पर पूरा राशन आपूर्ति नहीं किया जाना, सबसे बड़ी गड़बड़ी बताई गई। राज्य सरकार पुराने डीएसडी को एक्सटेंशन देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। इससे जन वितरण प्रणाली प्रभावित हो रही है। संचालन महासचिव संजय कुंडू ने किया। धन्यवाद सैनी जिला अध्यक्ष ने दिया।

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