अमेरिका ने यूक्रेन की सभी सैन्य मदद रोकी:ट्रम्प की बहस के 3 दिन बाद ऐलान; US प्रेसिडेंट बोले- जेलेंस्की शांति नहीं चाहते

व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बहस के 3 दिन बाद अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद रोकने का ऐलान किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। ऐसी मदद जो अमेरिका से अभी तक यूक्रेन नहीं पहुंची है, उसे भी रोक दिया गया है। इसमें पोलैंड तक पहुंच चुका सामान भी शामिल है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार यूक्रेन को रोकी गई मदद तब तक बहाल नहीं की जाएगी, जब तक राष्ट्रपति ट्रम्प को यह यकीन नहीं हो जाता कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की वास्तव में शांति चाहते हैं। यूक्रेन को सैन्य मदद रोके जाने को लेकर फिलहाल अमेरिकी रक्षा विभाग और न ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने कोई टिप्पणी की है। जेलेंस्की पर नाराज हुए ट्रम्प, कहा- वे शांति नहीं चाहते
ब्लूमबर्ग ने रक्षा विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि क्या जेलेंस्की रूस के साथ शांति कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन के एक अधिकारी ने फॉक्स न्यूज से कहा कि यह मदद स्थायी तौर पर नहीं रोकी गई है। जेलेंस्की की सैन्य मदद रोकने से कुछ घंटे पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा- जेलेंस्की नहीं चाहते कि जब तक उन्हें अमेरिका का समर्थन हासिल है, तब तक शांति हो। यह जेलेंस्की की तरफ से दिया गया सबसे खराब बयान है। अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। 8.7 हजार करोड़ की मदद रुकी न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इससे एक अरब डॉलर (8.7 हजार रुपए) के हथियार और गोला-बारूद संबंधी मदद पर असर पड़ सकता है। इन्हें जल्द ही यूक्रेन को डिलीवर किया जाना था। ट्रम्प के आदेश के बाद उस मदद को भी रोक दिया गया है जिसका इस्तेमाल यूक्रेन सिर्फ अमेरिकी डिफेंस कंपनियों से सीधे नए सैन्य हार्डवेयर खरीदने के लिए कर सकता है। अमेरिकी सहायता रोके जाने पर राष्ट्रपति जेलेंस्की की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने CNN से कहा कि यह साफ है कि फैसला जेलेंस्की के बुरे बर्ताव की वजह से उठाया गया। उन्होंने कहा कि अगर जेलेंस्की जंग को खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिश करते हैं तब शायद ये रोक हटाई जा सकती है। अमेरिका के साथ बातचीत को तैयार जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इससे पहले सोमवार को कहा था कि वे अमेरिका-यूक्रेन मिनरल्स डील पर दस्तखत करने के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की ने लंदन में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि वे पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बहस के बाद भी अमेरिका के साथ बातचीत करने को इच्छुक हैं। जेलेंस्की ने कहा कि व्हाइट हाउस में हुई उस घटना का अमेरिका या यूक्रेन को नहीं, बल्कि सिर्फ रूसी राष्ट्रपति पुतिन को फायदा पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अगर मुझे मिनरल डील के लिए बुलाया जाता है तो मैं व्हाइट हाउस वापस जाऊंगा। सुरक्षा गारंटी की शर्त फिर से रखी
​​​​​​​जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी की मांग सुनी जाएगी। दोनों पक्ष इस पर सहमत होते हैं तो डील पर दस्तखत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे बस चाहते हैं कि यूक्रेन का पक्ष भी सुना जाए। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे साझेदार याद रखें कि इस जंग में हमलावर कौन है। जेलेंस्की ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि हम अमेरिका की अहमियत को समझते हैं। ऐसा कोई भी दिन नहीं गुजरा, जब हमने अमेरिका का एहसान न माना हो। जेलेंस्की ने फिर कहा कि हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि शांति के लिए सुरक्षा गारंटी जरूरी है। यह पूरे यूरोप की स्थिति है। ……………………………………………. ट्रम्प-जेलेंस्की के बीच हुई बहस से जुड़ी ये खबरें पढ़िए… बहस के बाद व्हाइट हाउस से निकाले गए जेलेंस्की:लंदन पहुंचे, कल यहां यूरोपीय देशों की समिट; X पर लिखा- US की मदद का शुक्रगुजार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ बहस के बाद व्हाइट हाउस से बाहर निकाल दिया गया। दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार को करीब 10 मिनट तक तीखी बहस हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… ट्रम्प-जेलेंस्की में तीखी बहस, 8 तस्वीरें:व्हाइट हाउस में ऐसा पहली बार हुआ; US प्रेसिडेंट बोले- आप तीसरे विश्वयुद्ध का जुआ खेल रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उपराराष्ट्रपति जेडी वेंस और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच शुक्रवार रात व्हाइट हाउस में तीखी बहस हो गई। इस दौरान ट्रम्प-वेंस और जेलेंस्की एक-दूसरे की तरफ उंगली दिखाते नजर आए। ट्रम्प ने कई बार जेलेंस्की को फटकार भी लगाई। उन्होंने जेलेंस्की से कहा कि वो तीसरा विश्वयुद्ध कराने का जुआ खेल रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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