सरकार ने जानलेवा ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) वायरस से लड़ रही महिलाओं की सर्विक्स कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा प्रारंभ की है। जिसमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, सीकर, झालावाड़ समेत प्रदेश के 36 एंटी रिट्रोवायरल थैरेपी (एआरटी) सेन्टरों पर स्क्रीनिंग सुविधा प्रारंभ कर दी है। पिछले दस दिन में अब तक 1300 से ज्यादा महिलाओं की वीआईए के जरिए स्क्रीनिंग की जा चुकी है। पीड़ित महिलाओं की स्क्रीनिंग कर इलाज करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। सेन्टरों पर विजुअल इंस्पेक्शन विथ एसिटिक एसिड (वीआईए) तकनीक से जांच करके खतरनाक स्थिति तक पहुंचने से पहले ही बचाया जाएगा। ऐसे काम करती है टीएडी; डॉक्टरों के अनुसार वीआईए के जरिए पहले स्क्रीनिंग फिर थर्मल एब्लेशन डिवाइस से कैंसर कोशिकाओं को महज 2 से 5 मिनट में खत्म किया जा सकता है। टीएडी मशीन से प्रारंभिक अवस्था में कैंसर बीमारी का निदान करना आसान होता है। इसमें एक प्रोब होता है, जिसके 100 डिग्री सेंटीग्रेड पर हीट करके उसको सर्विक्स में डाला जाता है, फिर कोशिकाओं को आसानी से खत्म किया जा सकता है। वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं (भास्कर एक्सपर्ट पैनल : डॉ.संदीप जसूजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट जयपुर ) एचआईवी पीड़ित महिलाओं में सर्विक्स कैंसर का 6 गुना ज्यादा खतरा रहता है। इसलिए एआरटी सेन्टरों पर स्क्रीनिंग के साथ वीआईए तकनीक से इलाज की सुविधा भी प्रारंभ की है। देश का पहला राज्य है, जहां पर इस तरह की सुविधा दी जा रही है।
-गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य


