विधानसभा में सोमवार का दिन हंगामेदार रहा। दरअसल, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग की ओर से भरतपुर से आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया। इस पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेसी विधायकों ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। सभी ने उठकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रस्ताव को विशेषाधिकार कमेटी को भेज दिया। इस पर कांग्रेसी विधायक और नाराज हो गए और उन्होंने सदन से वाॅकआउट कर दिया। इससे पहले प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक की ओर से अधिकारियों के गुमराह करने की बात कहने का सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि ‘अधिकारियों ने गुमराह किया’ यह शब्द असंसदीय है। सरकार का अधिकृत उत्तर गलत है तो प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी को सदन में विधायक सुभाष गर्ग ने मुद्दा उठाया था कि भरतपुर के लोहागढ़ फोर्ट पर कुछ उद्योगों की नजर है। स्थानीय प्रशासन नोटिस व धमकी देकर यहां के रहवासियों को डरा धमका रहा है। यहां 30 साल से रहने वाले 25 हजार लोगों को परेशान किया जा रहा है। कुछ लोग अपने मकान बेचकर जाने भी लगे हैं। सरकार की छवि बिगाड़ने की कोशिश की: जोगेश्वर
शून्यकाल में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सदस्य सुभाष गर्ग ने 24 फरवरी को स्थगन प्रस्ताव के जरिए भरतपुर के लोहागढ़ फोर्ट निवासियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा नोटिस व धमकी देने का मामला उठाया था। इसमें तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया। जिला प्रशासन ने नोटिस जारी नहीं किए। गर्ग ने सरकार की छवि धूमिल करने के लिए ऐसा किया। विधायक जितेंद्र गोठवाल ने भी समर्थन किया। सत्ता पक्ष जो चाहे करे, कोई दिक्कत नहीं : गर्ग
भरतपुर से आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग ने कहा कि लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए परेशान करने व नोटिस देकर धमकाने की बात कही है। कमेटी को जवाब दे दूंगा। वहां 26,831 वर्ग मीटर जमीन जो कुछ लोगों के ग्रुप की थी, उसको 3.75 करोड़ में बेचने का समझौता किया गया। जबकि यह जमीन 26 करोड़ की है। इसमें बड़े लोग इनवाॅल्व हैं। सबकी कलई खुल जाएगी। सत्ता पक्ष जो भी चाहे, वह करे, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं : जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विरोध जताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। नई परिपाटी डाल रहे हैं। ऐसे तो कोई जनता की आवाज नहीं उठा पाएगा। अगली बार सरकार हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने लग जाएगी। यह सभी सदस्यों का हनन है। विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। विधायक रफीक खान ने कहा कि इस प्रस्ताव का खंडन व विरोध करता हूं। ऐसे में तो कोई भी सदन में जनता की आवाज नहीं उठाएगा। स्पीकर व्यवस्था के नियम बताते रहे और विधायक उन्हें तोड़ते रहे
शून्यकाल के दौरान स्पीकर देवनानी ने व्यवस्था देते हुए कहा कि आसन जब पैरों पर है, तब कोई सदस्य इधर-उधर नहीं जाएगा। इसी दौरान विधायक सुरेश मोदी सीट से उठकर जाने लगे। स्पीकर नाराज हुए। फिर विधायक अनिता जाटव आ रही थीं, स्पीकर ने उन्हें भी टोका। स्पीकर खड़े होकर बोल ही रहे थे कि भाजपा विधायक अंशुमान सिंह भाटी अंदर आने लगे। नाराज स्पीकर ने भाटी को सदन से बाहर लौटा दिया।


