पाली में करीब 11 साल पहले शराब पार्टी के बाद युवक की पत्थरों से कुचलकर हत्या करने के मामले में 3 मार्च को पाली के SC/ST कोर्ट के जज निहालचंद ने फैसला सुनाया। जिसमें कन्हैयालाल की पत्थरों से कुचलकर हत्या करने के मामले में अभियुक्त ललित सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई।
Sc/st कोर्ट के विशिष्ठ लोक अभियोजक लादूराम मेवाड़ा ने बताया कि 5 फरवरी 2014 को मारवाड़ जंक्शन थाने में मदनलाल ने रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि उसका बेटा उसे रेलवे स्टेशन से घर छोड़कर गया जो रात भर नहीं लौटा। सुबह मुक्तिधाम के पीछे की तरफ किसी की बॉडी पड़ी होने की सूचना पर मौके पर पहुंचे। जहां देखा तो उनका 23 साल का बेटा कन्हैयालाल मरा हुआ मिला। पत्थरों से उसका मुंह बुरी तरह कुचला हुआ था। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्जकर जांच शुरू की। जिसमें सामने आया कि रंजिश के चलते रेवड़िया (मारवाड़ जंक्शन) निवासी ललित सिंह पुत्र सुरेंद्रसिंह ने उसे शराब पार्टी के लिए बुलाया और फिर कैंची से वार कर उसे घायल कर दिया। फिर बड़े पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा।
मामले में 3 मार्च 2025 को पाली के SC/ST कोर्ट के जज निहालचंद ने ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और गवाहों के बयान सुनने के बाद पाली जिले के रेवड़िया (मारवाड़ जंक्शन) निवासी ललित सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह को 23 साल के कन्हैयालाल वाल्मीकि की हत्या का दोषी माना। और आजीवन सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई।


