गांव दाखा के लोगों द्वारा श्री आनंदपुर साहिब जा रही संगतों के लिए विशेष लंगर का आयोजन किया गया। यह लंगर सेवा श्रद्धा और भावना के साथ लुधियाना फिरोजपुर रोड पर दाखा गेट के पास जीटी रोड पे लगाया गया जिसमें गांववासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूर्व सरपंच वरिंदर सिंह सेखों ने बताया कि लंगर में चाय, पानी, दाल-रोटी, देग प्रसाद तथा अन्य विभिन्न खाने-पीने की वस्तुओं का प्रबंध किया गया। इसके साथ ही बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई। सेवादारों द्वारा आने-जाने वाली संगतों का स्वागत किया गया और उनकी सुविधा का ध्यान रखा गया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि यह सेवा पिछले सोलह वर्षों से निरंतर हर वर्ष धार्मिक भावना के साथ की जा रही है, ताकि दूर-दराज से आ रही संगतों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर सेवा में हिस्सा लिया। संगतों ने गांव दाखा वासियों के इस प्रयास की सराहना की और सभी के लिए चढ़दी कला की अरदास की। इस अवसर पर हरजोत सिंह, सतवंत सिंह, गुरसेवक सिंह, गुरविंदर सिंह, हरदीप सिंह, रमना दाखा, सुखदेव सिंह, लाली दाखा, हरिंदर सिंह तथा फतेहवीर सिंह आदि मौजूद रहे। दाखा में किसी शरारती तत्व ने लंगर के लिए रखी सूखी लकड़ियों को रात के समय आग लगाकर जला दिया। इस घटना से गांववासियों में रोष का माहौल है, क्योंकि ये लकड़ियां होला-मोहल्ला के दौरान संगतों द्वारा लगाए जाने वाले लंगरों में उपयोग की जानी थीं। गांव के पूर्व सरपंच वरिंदर सिंह सेखों निवासी गांव दाखा ने बताया कि यह बेहद अफसोस की बात है कि पिछले दो वर्षों से होला-मोहल्ला के लंगरों के लिए रखी सूखी और मोटी लकड़ियों को किसी खराब सोच वाले व्यक्ति ने रात के समय आग लगाकर जला दिया। उन्होंने आगे बताया कि ये सूखी लकड़ियां, जो मोटी-मोटी गिल्टियों (गठ्ठों) के रूप में ईंधन के लिए रखी गई थीं, वर्ष 2024 में काटी गई थीं। पिछले साल गीली होने के कारण इन्हें इस साल लंगरों में इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित रख लिया गया था।


