इटारसी के ईरानी डेरा क्षेत्र में मंगलवार शाम शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर कैंडल मार्च निकाला। यह प्रदर्शन ईरान के धार्मिक नेता आयातुल्लाह अली हुसैनी खामेनेई की मौत के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद दुखद बताते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। हाथों में मोमबत्तियां और पोस्टर लेकर निकले लोग जुलूस में शामिल लोग अपने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और खामेनेई की तस्वीरें लिए हुए थे। प्रदर्शन के दौरान “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” के नारों से माहौल गरमाया रहा, वहीं प्रदर्शनकारियों ने “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारे भी लगाए। समर्थकों का कहना था कि यह शहादत बेकार नहीं जाएगी और मजलूमों के हक की लड़ाई जारी रहेगी। मस्जिद में हुई विरोध सभा, घटना की निंदा कैंडल मार्च निकालने से पहले ईरानी डेरा स्थित मस्जिद में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ता सोहेल अली और इमरान अली ने कहा कि यह हमला इंसानियत के खिलाफ एक कायराना हरकत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस घटना की कड़ी निंदा करने की मांग की और इसे मानवता की राह में दी गई बड़ी कुर्बानी बताया। प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण हुआ कार्यक्रम तनावपूर्ण नारों के बावजूद, पूरा आयोजन बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की कड़ी निगरानी में यह जुलूस निकाला गया। सभा और मार्च के दौरान कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई और समुदाय के लोगों ने अपना विरोध जताकर कार्यक्रम का समापन किया।


