राज्यसभा की दो सीटों पर छत्तीसगढ़ में चुनाव होना है। इसके नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है। भाजपा ने एक सीट के लिए मंगलवार को प्रत्याशी के तौर पर लक्ष्मी वर्मा को उतारा है। इससे स्पष्ट हो गया है कि अब चुनाव नहीं होगा। दोनों पार्टियों से एक-एक प्रत्याशी को ही निर्विरोध राज्यसभा भेजा जाएगा। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह या अभिषेक मनु सिंघवी को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजा जा सकता है। अगर क्षेत्रीय समीकरण चले तो टीएस सिंहदेव को भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है। 9 मार्च तक दोनों प्रत्याशियों का विधिवत निर्वाचन हो जाएगा। छत्तीसगढ़ से केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल पूरा हो गया है। राज्यसभा सांसद के लिए विधायक वोट करते हैं। छत्तीसगढ़ की विधानसभा में भाजपा के पास 54, कांग्रेस के पास 35 और गोंगपा से एक विधायक है। नियमानुसार एक विधायक सिर्फ एक वोट ही दे सकता है। अगर कोई पार्टी दो उम्मीदवार उतारती तब भी एक की ही जीत पाता। लक्ष्मी वर्मा ही क्यों, अब आगे क्या
अश्विनी पांडेय| रायपुर . लक्ष्मी वर्मा ओबीसी का बड़ा चेहरा है। उनका नाम पहले बलौदाबाजार से विधानसभा के लिए चला, फिर लोकसभा में रायपुर से भी दावेदारी की। इसके बाद उन्हें महिला आयोग का सदस्य बना दिया गया और यह कयास थे कि आने वाले समय में वे अध्यक्ष बन जाएंगी। वे संगठन के बहुत करीब मानी जाती हैं। दोनों चुनाव में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के बतौर प्रभारी रहते हुए उन्होंने कई चुनावों की रणनीति साथ मिलकर बनाई है। यही वजह है कि उन्हें राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया गया है। इस नियुक्ति के बाद राज्य में ओबीसी-आदिवासी संतुलन और मजबूत होना तय है, क्योंकि जहां मुख्यमंत्री आदिवासी हैं, वहीं कुर्मी राज्यसभा और साहू केंद्रीय राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री है। ओबीसी में यही दोनों जातियां सबसे अधिक प्रभावशाली है। रायपुर से राज्यसभा सांसद जाने के बाद अगर कभी मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है तो टंकराम वर्मा के लिए संकट खड़ा हो सकता है, क्योंकि एक कुर्मी को राज्यसभा भेजकर जातिगत समीकरण संतुलित कर दिया गया है। अब दूसरी जाति को मौका दिया जा सकता है। भाजपा के 9 प्रत्याशियों में नवीन बिहार से मैदान में भाजपा ने 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए 9 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट मंगलवार को जारी की है। बिहार की 5 में से 2 सीटों पर भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार से उम्मीदवार बनाया गया है। नवीन अभी बांकीपुर से विधायक हैं वे जनवरी में भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। बिहार प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार को भाजपा ने टिकट दिया है। इस लिस्ट में 9 में 8 नए चेहरों को मौका दिया गया है इनमें से 5 पार्टी के संगठन के साथ जुड़े रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है। मतदान 16 मार्च को होगा और मतगणना भी उसी दिन होगी। सिर्फ ओडिशा के सुजीत कुमार को दोबारा राज्यसभा का मौका
पश्चिम बंगाल: राहुल सिन्हा- भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बंगाल में पार्टी विस्तार के शुरुआती चेहरों में शामिल रहे।
असम: जोगेन मोहन- असम सरकार में मंत्री रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व दिया गया।
असम: तेराश गोवाला- असम के विधायक। राज्य में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति के तहत शामिल।
हरियाणा: संजय भाटिया- करनाल से पूर्व सांसद, 2024 में मनोहर लाल खट्टर के लिए सीट छोड़ी थी; अब हरियाणा से राज्यसभा भेजा।
ओडिशा: मनमोहन सामल- ओडिशा भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मंत्री। 2024 में विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद संगठन में प्रभाव बरकरार।
ओडिशा: सुजीत कुमार- मौजूदा राज्यसभा सांसद है। कार्यकाल समाप्ति पर दोबारा मौका मिला, उनके संसदीय अनुभव पर भरोसा जताया।


