मालवा के जमीनी पानी में यूरेनियम के बढ़ रहे लेवल से कैंसर व दूसरी बीमारियों के डर के मद्देनजर पानी बचाओ थीम पर प्रदर्शनी लगाई गई। यह प्रदर्शनी श्री सनातन मंच ने आर्ट ऑफ़ लिविंग बठिंडा और राष्ट्रीय समवाय सेवक संघ के सहयोग से एनवायरनमेंटलिस्ट रमेश गुप्ता, वीना रानी और अशोक मित्तल ने लॉर्ड रामा हॉल के आंगन में लगाई थी। इस प्रदर्शनी का मुख्य मकसद आम लोगों को पानी बचाने के बारे में जागरूक करना रहा। बठिंडा जिले के 136 पानी के सैंपल में से 51% सैंपल फेल हो गए थे और पानी में यूरेनियम का लेवल 10 गुना ज्यादा होना बेहद घातक माना जा रहा है। पानी बचाने व प्रदूषण कम करने के लिए शैंपू, हैंडवॉश, टूथपेस्ट, शेविंग क्रीम, बर्तन धोने वाले डिटर्जेंट का सही मात्रा में इस्तेमाल करने, जरूरत के हिसाब से पानी का नल खोलने, पानी का रिसाव रोकने, चलते हुए नल से कार, स्कूटर, फर्श न धोने, फल-सब्जियां धोने और आरओ के बेकार पानी का इस्तेमाल पोंछा लगाने या सिंचाई के लिए करने आदि की जानकारी दी गई। साधारण गमलों की जगह स्वसंचित गमलों का इस्तेमाल करने से, इसमें इस्तेमाल होने वाले 80% पानी की बचत की जा सकती है। पर्यावरणविद् अशोक मित्तल ने मॉडल, पोस्टर, बैनर और प्ले कार्ड के जरिए जल प्रदूषण कम करने, पानी का सही इस्तेमाल करने और बारिश के पानी का भंडारण कर भूजल बढ़ाने के तरीके बताए गए। रासायनिक खेती की जगह जैविक खेती करके जल प्रदूषण को कम किया जा सकता है। इस मौके पर वीना रानी और रमेश गुप्ता ने 101 लोगों को जल संरक्षण में योगदान देने का संकल्प दिलाया। इस काम को सफल बनाने में सरबजीत सिंह, अनिल सिंगला, आशीष, दिनेश गोयल, अशोक मालवा, मदन गोपाल जिंदल, प्रो. विनय, डॉ. शिव दत्त और अशोक गर्ग विशेष सहयोग रहा।


