भास्कर न्यूज | बरनाला खेती के लिए बिजली आपूर्ति में भारी कटौती से परेशान किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेतृत्व में पक्खोके बिजली ग्रिड पर राज्य सरकार और पावरकॉम के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष दर्शन सिंह चीमा और जगसीर सिंह काला जगजीतपुरा ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार दिन के समय 6 से 8 घंटे बिजली देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन हकीकत में खेतों को मात्र डेढ़ से दो घंटे ही बिजली मिल रही है। दोपहर डेढ़ बजे के निर्धारित शेड्यूल में भी चार से पांच घंटे के लंबे कट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसान बेहाल हैं। किसान नेताओं ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की फसल को आखिरी पानी देने का समय है, जिसकी जरूरत लगभग 10 मार्च तक बनी रहेगी। समय पर बिजली न मिलने के कारण सिंचाई का काम रुका पड़ा है, जिससे फसल के खराब होने और पैदावार घटने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने मांग की कि उनकी समस्याओं को देखते हुए तुरंत अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए और निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर बादल सिंह, गुरनाम सिंह चीमा, भोला सिंह पक्खोके, निर्मल सिंह, रणजीत सिंह और अन्य किसान उपस्थित थे। दूसरी ओर, बिजली ग्रिड के जेई अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कटौती स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि पटियाला स्थित मुख्य कार्यालय से लग रही है, जिसके कारण यह समस्या आ रही है।


