टीनएजर्स को ड्रग्स से दूर रखने के लिए, इच्छुक समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से ‘जिंदगी जिंदाबाद’ नाम का एक खास प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसके तहत कॉलेजों और यूथ क्लबों के सहयोग से एक टीम तैयार की जाएगी, जो स्कूलों और कॉलेजों में स्टूडेंट्स को ड्रग्स से दूर रहने के लिए मोटिवेट करेगी। यह बात डिप्टी कमिश्नर बरनाला हरप्रीत सिंह ने जिला एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स के हॉल में ‘जिंदगी जिंदाबाद’ प्रोजेक्ट के तहत एक मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए पुलिस डिपार्टमेंट, एजुकेशन डिपार्टमेंट और हेल्थ डिपार्टमेंट का भी सहयोग लिया जाएगा। डीसी ने कहा कि जिले के कॉलेजों और यूथ क्लबों में से लाइफ गाइड्स। चुने जाएंगे। इस संबंध में उन्होंने यूथ सर्विस डिपार्टमेंट को यूथ क्लबों की डिटेल्स देने और कॉलेजों की डिटेल्स इकट्ठा करके शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों के युवाओं में से अच्छे और असरदार स्पीकर्स चुने जाएंगे। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सोशल वर्कर रूपिंदरजीत सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए कॉलेजों से करीब 150 मेंबर और यूथ क्लबों, सोशल सर्विस ऑर्गनाइज़ेशन से करीब 50 मेंबर स्पीच मुकाबलों के ज़रिए चुने जाएंगे। चुने गए मेंबरों को पंजाबी यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में वर्कशॉप लगाकर साथियों का प्रेशर न मानकर ड्रग्स से मना करना सिखाया जाएगा। इन ट्रेंड युवाओं को लाइफ गाइड्स कहा जाएगा और ये आगे स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को ड्रग्स से मना करना सिखाएंगे। सर्वे के मुताबिक, ज्यादातर नौजवान टीनएजर्स अपने दोस्तों से ड्रग्स के आदी होते हैं, जहां से वे ड्रग्स की पहली डोज लेते हैं। 83 परसेंट ड्रग्स की लत साथियों के प्रेशर की वजह से लगती है। ऐसा अक्सर दोस्ती के असर में होता है, लेकिन इस स्थिति में यह ज़रूरी है कि बच्चे ड्रग्स को ना कहना सीखें। बच्चों को साथियों के प्रेशर से बचने के लिए मेंटली तैयार करेंगे। इसकी सफलता के लिए जिला प्रशासन की मदद से इस प्रोजेक्ट को जन अभियान बनाया जाएगा और लाइफ गाइड के नाम से समाज में से ही मार्गदर्शकों की एक फौज तैयार की जाएगी, जो नशे की चेन को तोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। प्रोग्राम का नाम जिंदगी जिंदाबाद रखा है। वहीं माता-पिता को भी बच्चों की परवरिश के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे ताकि वे भी अपने बच्चों के हर पड़ाव को सकारात्मक तरीके से समझ सकें और नशा मुक्त समाज बनाने में अहम भूमिका निभा सकें। इस मौके एडीसी (जी) विवेक कुमार मोदी, एडीसी (विकास) डॉ. हरजिंदर सिंह बेदी, एसपी अशोक शर्मा, एसडीएम बरनाला डॉ. अजीतपाल सिंह चहल, जिला शिक्षा अधिकारी सुनीतिंदर सिंह और अन्य विभागों के अधिकारी और जिले के विभिन्न कॉलेजों और यूथ क्लबों के प्रतिनिधि मौजूद थे।


