रंगों से आंखों की रोशनी न हो खराब:रंगों में केमिकल की वजह से हो सकता है नुकसान, जानिए बचाव के तरीके

धुलंडी का पर्व बुधवार को कोटा में मनाया जा रहा है। इस बार ग्रहण होने के चलते मंगलवार को होलिका दहन के दूसरे दिन धुलंडी कुछ ही जगह मनाई गई। बुधवार को शहर में जमकर होली खेली जाएगी। होली की खुशियों के रंग में कोई भंग ना पड़े इसलिए इस त्योहार को मनाते हुए सावधानी रखना भी जरूरी है। होली खेलते समय आंखों में रंग जाना लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर्स के अनुसार आंखों में अगर गुलाल या फिर पक्का रंग चला गया तो यह आंखों की रोशनी को खत्म भी कर सकता है। कोटा के आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर सुरेश पाण्डेय के अनुसार आंखों में केमिकल युक्त रंग जाने से केमिकल एलर्जी की शिकायत होती है। इससे आंख की पुतलियों पर गहरा असर पड़ सकता है। समय पर इलाज न किया जाए तो आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि होली पर बच्चे पानी के गुब्बारे फैंकते है। यह भी खतरनाक है। पानी के गुब्बारे आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, इनसे नेत्रगोलक फट सकता है या रेटिना भी अलग हो सकता है। उन्होंने बताया कि जब भी आंखों में रंग जाने की संभावना हो, आंखों को ढक लें, ऐसे में सनग्लासेस का इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है। हैट पहनकर भी अपनी आंखों में रंगीन पानी को जाने से रोक सकते हैं। होली खेलते समय अगर आंखों में रंग चला जाता है तो सबसे पहले सामान्य पानी से आंखों पर छींटे दें। आंखों को सूती कपड़े से साफ किया जाना चाहिए और आंखों को मलना नहीं चाहिए। फिर भी आराम नहीं होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जो लोग लेंस लगाते हैं होली खेलते समय आंखों पर लेस ना लगाएं। वहीं होली खेलते वक्त अगर कान में सूखे कलर चले जाते हैं तो तुरंत सिर को नीचे की ओर झटक ते हुए कार से रंग निकाले। कान में रंग जाने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

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