राजस्थान-जमीनों के पट्‌टों में बड़ी धांधली, सरकार ने गंवाए करोड़ों:बेशकीमती जमीन 1901 रुपए में दी, अब इन्हें निरस्त करने की सिफारिश

राजस्थान के शहरी निकाय में पट्टे जारी करने से लेकर ठेके देने और दूसरे कामों में भारी गड़बड़ियां मिलीं हैं। जयपुर, कोटा, उदयपुर नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के अलावा कई शहरी निकायों में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (CAG) ने ऑडिट में धांधलियां पकड़ी हैं। कैग ने गलत पट्टों को निरस्त करने, नुकसान की वसूली करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। सबसे ज्यादा उदयपुर नगर निगम में फ्री होल्ड पट्टे (मालिकाना हक के कागज) जारी करने के मामलों में नुकसान हुआ है। निगम ने लैंड यूज चेंज फीस, लीज रा​शि, जीएसटी राशि वसूल नहीं करने से 5 करोड़ रुपए गंवाए गए हैं। 1. करीब 3.60 करोड़ का नुकसान उदयपुर नगर निगम की साल 2022-23 और 2023- 24 में जारी पट्टों के ऑडिट में गड़बड़ियां मिली हैं। गोवर्धन विलास में नेशनल हाईवे पर बेशकीमती जमीन को नीलाम किए बिना ही फ्री होल्ड पट्टा दे दिया। इससे 3.60 करोड़ का नुकसान माना गया है। हाईवे पर 8728.26 वर्ग फीट की जमीन का फ्री होल्ड पट्टा जारी किया गया। इस प्लॉट के दस्तावेजों में खामियां थीं। इसके मालिकाना हक को पंचायतीराज विभाग से प्रमाणित करवाना था, क्योंकि पहले पट्टा ग्राम पंचायत का था। पंचायत राज विभाग से पट्टे की प्रमाणिकता को सिद्ध किए बिना ही फ्री होल्ड पट्टा जारी किया जाना गलत था। कैग रिपोर्ट के अनुसार यह संपत्ति नेशनल हाईवे 8 पर 150 फीट रोड पर होने से कीमती संपत्ति की श्रेणी में आती है। मूल्यवान प्रॉपर्टी होने से इसे नीलाम किया जाना अनिवार्य था, लेकिन इसके बावजूद इसका फ्री होल्ड पट्टा जारी कर दिया। इस पट्टे को निरस्त कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कैग ने कार्रवाई की सिफारिश की है। 2. होटल से लीज लिए बिना फ्री होल्ड पट्टा जारी किया राज्य सरकार की पर्यटन नीति के अनुसार पर्यटन इकाई के तहत लैंड यूज चेंज किया जाता है। इसमें लैंड यूज चेंज फीस से पूरी तरह छूट दी गई है, लेकिन बाकी चार्ज लगते हैं। प्राथमिक ऑडिट में पाया गया कि होटल से एकमूश्त लीज राशि लिए बिना ही फ्री होल्ड पट्टा जारी किया गया है। इससे नगर निगम को 94 लाख का नुकसान हुआ है। लीज राशि पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी की रकम 17 लाख की वसूली भी नहीं की गई। दोनों को मिलाकर 1.11 करोड़ का नुकसान हुआ है। कैग ने फ्री होल्ड पट्टा निरस्त करने, वसूली करने और इस गड़बड़ी के जिम्मेदाारों पर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। 3. केवल 1901 रुपए में दे दिया करोड़ों की जमीन का पट्टा उदयपुर नगर निगम ने प्रशासन शहरों के संग अभियान में 4780 वर्ग फीट क्षेत्रफल की कमिर्शयल यूज की जमीन का पट्टा केवल 1901 रुपए में जारी कर दिया। फाइलों की जांच में पाया गया कि रोशन लाल, गजेंद्र ,राकेश जोधावत को 253 कुल क्षेत्रफल 4780 वर्ग फीट क​मर्शियल यूज के लिए फ्री होल्ड पट्टा जारी किया गया। ऑडिट में पाया गया कि खाली प्लॉट था, इसलिए उसका पट्टा उसी के अनुसार जारी करना था। लैंड यूज चेंज कर एकमुश्त लीज राशि वसूलने के बाद ही पट्टा देना चाहिए था। इसके लिए लीज राशि, जीएसटी और अन्य चार्ज मिलाकर 47.79 लाख रुपए आवेदकों से वसूलने थे। नगर निगम ने यह राशि नहीं ली। इससे 47 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ। 4. करीब 58.71 लाख का नुकसान कैग रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम उदयपुर में बिना लैंड यूज चेंज ​किए आवासीय पट्टे पर कमर्शियल बिल्डिंग को अनुमति दे दी, इससे 58.71 लाख का नुकसान हुआ। प्रदीप सिंह,नकुल और अन्य को 10692.7 वर्गफीट जमीन पर मौजूद भवन के व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी दी गई। आवासीय फ्री होल्ड पट्टे पर लैंड यूज चेंज किए बिना भवन निर्माण की अनुमति जारी किए जाने से 58.71 लाख का नुकसान हुआ। 5. प्लॉट को जमीन की पट्टी बताकर कम रेट पर आवंटित की, 20.91 लाख की गड़बड़ी उदयपुर नगर निगम ने एक प्लॉट को लैंड स्ट्रिप बताकर आवंटित कर दिया जिससे सरकार को 20.91 लाख का नुकसान हुआ जबकि वह स्वतंत्र प्लॉट था। इसका इसका नीलामी में आवंटन करना था । 1800 वर्ग फीट के इस प्लॉट का पट्टा बहुत कम दरों पर दिया गया। आगे पढ़ें अन्य शहरों में क्या गड़बड़ियां सामने आईं… 1. मोबाइल टावरों से 1.13 करोड़ नहीं वसूले, कैग ने उठाए सवाल दौसा और भीलवाड़ा में लगे मोबाइल टावरों से रजिस्ट्रेशन फीस और लाइसेंस फीस की वसूली नहीं की। दौसा नगर परिषद ने मोबाइल टावरों से रजिस्ट्रेशन फीस और सालाना लाइसेंस फीस के तौर पर 64.96 लाख रुपए की वसूली नहीं की। इसी तरह नगर परिषद भीलवाड़ा ने मोबाइल टावरों से तय फीस की वसूली नहीं की ​जिससे 48 लाख 17 हजार रुपए का नुकसान हुआ। दोनों निकायों में 1.13 ​करोड़ का नुकसान हुआ है। कैग ने वसूली नहीं करने पर सवाल उठाए हैं। 2. जोधपुर नगर निगम में प्लॉट नीलामी में साइज कम बताया,14.50 लाख का नुकसान जोधपुर नगर निगम में जमीन की नीलामी में क्षेत्रफल की गणना कम करने से 14.5 लाख रुपए का नुकसान हुआ। रातानाड़ा पांच पत्ती के पास पार्क प्लाजा और ओएसिस गार्डन के पीछे जमीन की नीलामी में क्षेत्रफल की गणना काम करने से नगर निगम को 14 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। 3. जयपुर ग्रेटर नगर निगम को 35 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान जयपुर के तत्कालीन ग्रेटर नगर निगम लैंड यूज चेंज के मामलों में लिए जाने वाले शुल्क राशि से कम लेकर भू उपयोग परिवर्तन किया गया। इससे 35 लाख 51 हजार रुपए का नुकसान हुआ। ग्रेटर नगर निगम की 2020-21 और 2021—22 की ऑडिट में यह पाया गया कि लैंड यूज चेंज मामलों में कम शुल्क वसूल किया गया। 4. प्रतापगढ़ नगर परिषद में 65.59 लाख की वसूली नहीं की नगर परिषद प्रतापगढ़ में व्यावसायिक निर्माण की मंजूरी देने में बेटरमेंट लेवी (सुधार शुल्क) और दूसरे चार्ज, सरचर्ज की वसूली नहीं की जिससे 65.59 लाख रुपए का नुकसान हुआ। 5. बाड़मेर नगर परिषद ने ठेकेदारों से 74.79 लाख रुपए की वसूली नहीं की बाड़मेर नगर परिषद में सार्वजनिक स्थानों पर हॉर्डिंग, विज्ञापन लगाने के लिए तय जगहों की नीलामी में ठेकेदारों से 74 लाख रपुए से ज्यादा की रकम वसूल ही नहीं की। परिषद ने 23 साइट्स का ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदारों से पैसा ही नहीं लिया। 6. छोटी सादड़ी नगापालिका ने 1.41 करोड़, दौसा नगर​ परिषद ने 60 लाख यूडी टैक्स नहीं वसूला प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी नगर पालिका में एक करोड़ 41 लाख रुपए से ज्यादा के यूडी टैक्स की वसूल नहीं की गई। दौसा नगर परिषद में यूडी टैक्स निर्धारण कर वसूली नहीं करने से 60 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *