झुंझुनूं जिले में लोकतंत्र की आधी आबादी की भागीदारी को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के विश्लेषण में सामने आया है कि लोकसभा चुनाव 2024 की तुलना में जिले में महिला मतदाताओं का अनुपात 21 अंक घट गया है। प्रति एक हजार पुरुष मतदाताओं पर महिलाओं की संख्या 914 से घटकर 893 पर पहुंच गई है। ऐसे समझें 914 से 893 तक की गिरावट लोकसभा चुनाव 2024 के समय जिले की सातों विधानसभाओं—पिलानी, सूरजगढ़, झुंझुनूं, मंडावा, नवलगढ़, उदयपुरवाटी और खेतड़ी—में कुल 18,13,975 मतदाता थे। इनमें 8,66,386 महिलाएं शामिल थीं, जिससे जेंडर रेशियो 914 था। ताजा पुनरीक्षण के बाद जिले में कुल मतदाता घटकर 17,70,451 रह गए हैं। इनमें 9,34,983 पुरुष और 8,35,468 महिला मतदाता हैं। नए आंकड़ों के अनुसार अब जिले का जेंडर रेशियो 893 पर आ गया है। मतदाता सूची का तुलनात्मक सातों विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या घटी सबसे अधिक गिरावट सूरजगढ़ में दर्ज की गई, जहां महिला मतदाताओं की संख्या 1.35 लाख से घटकर 1.29 लाख रह गई। झुंझुनूं और नवलगढ़ में भी करीब 5-5 हजार महिला मतदाता कम हुई हैं। पिलानी और उदयपुरवाटी में क्रमशः 3,553 और 5,024 की कमी आई है। मंडावा और खेतड़ी में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन रुझान नकारात्मक ही रहा। जिले की किसी भी विधानसभा में महिला मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। प्रारूप सूची से सुधार, फिर भी संतुलन नहीं 16 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट रोल में कुल मतदाता 17,31,950 थे। दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में 38,501 (करीब 2.22 प्रतिशत) मतदाताओं की वृद्धि तो हुई, लेकिन इससे जेंडर रेशियो के असंतुलन में सुधार नहीं हो सका।


