रायसेन जिले में भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर स्थित घोड़ा पछाड़ नदी के 100 वर्ष पुराने पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। मरम्मत कराने के बजाय मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) ने टूटी रेलिंग के पास दो बांस बांधकर अस्थायी व्यवस्था की है। यह ‘देसी जुगाड़’ हादसे का खतरा बढ़ा रहा है। विदिशा भोपाल को जोड़ता है हाईवे
यह स्टेट हाईवे भोपाल और विदिशा को जोड़ता है, जिससे रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इनमें स्कूल बसें और भारी वाहन भी शामिल हैं। पुल की रेलिंग लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एमपीआरडीसी का यह अस्थायी समाधान हजारों वाहन चालकों के लिए हैरानी और मजाक का कारण बन गया है। सबसे अहम बात यह है कि इसी मार्ग से होकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वीआईपी भोपाल से विदिशा के बीच यात्रा करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब वीआईपी मूवमेंट वाले हाईवे पर यह स्थिति है, तो आम सड़कों की हालत क्या होगी? यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं की गई, तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।


