मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे युद्ध के कारण शारजाह से इंदौर आने वाली उड़ान आज लगातार पांचवे दिन रद्द कर दी गई है। पहले दुबई और फिर शारजहा एयरपोर्ट को बंद किया था। हालांकि कल से कुछ शहरों के लिए उड़ान शुरू हो गई है, लेकिन उसमें भारत के मेट्रो शहरों को पहली प्राथमिकता दी गई। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से दुबई की उड़ान कल आई है। जिसमे इंदौर के भी 40 यात्री आए हैं, जो कल रात दुबई से मुंबई होते हुई इंदौर पहुंचे थे। आज मुंबई के रास्ते कुछ यात्रियों के आने की उम्मीद है। लोगों के भीतर डर का माहौल पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने बताया कि यूएई सरकार ने संकट के दौरान भारतीयों की पूरी मदद की। उन्होंने कहा कि दुबई में फंसे हजारों भारतीयों के लिए होटल और भोजन की व्यवस्था मुफ्त में की गई थी। शुक्ला के मुताबिक, भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था भी की गई। एयरपोर्ट पर यात्रियों को विदा करने के लिए प्रशासन और एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। वहीं पूर्व विधायक विशाल पटेल ने कहा कि युद्ध जैसे हालात के कारण लोगों में डर का माहौल था। उन्होंने बताया कि हमलों के दौरान अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन जो मलबा गिरता था, उससे लोगों में दहशत फैल रही थी। जेब पर भारी पड़ रहा इंतजार व्यापारी सुमित टोंग्या ने बताया कि मैं 27 फरवरी को दुबई आया था। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध से बीते शनिवार से दुबई और अन्य शहरों में फंसे भारतीय यात्रियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। दुबई में होटल बुकिंग खत्म होने के बाद यात्रियों को नए सिरे से कमरे लेने पड़े, जिसके लिए भारी खर्च करना पड़ा। कई यात्री ऐसे भी थे, जिनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं या आखिरी दौर में हैं, जिससे उनकी स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। हालांकि, दुबई, अबूधाबी और रसअल खैमाह जैसे शहरों के कुछ होटलों में प्रशासन ने राहत देते हुए होटल में ठहरे यात्रियों को फ्री एक्सटेंशन दिया है, जिससे कुछ लोगों को राहत भी मिली है। वहीं भारत और यूएई की कई सामाजिक संस्थाएं भी फंसे यात्रियों की मदद के लिए आगे आई हैं। प्रति यात्री करीब एक लाख रुपए तक वसूले जा रहे सुमित टोंग्या ने बताया कि इस संकट के बीच कुछ ट्रैवल कंपनियां मुनाफाखोरी में जुटी हैं। यात्रियों को ओमान या मस्कट तक सड़क मार्ग से ले जाकर वहां से भारत लाने का विकल्प दिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए प्रति यात्री करीब एक लाख रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जो सामान्य किराए से कई गुना अधिक है। मजबूरी में कुछ यात्री यह विकल्प चुन रहे हैं, जबकि अधिकांश लोगों के पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। एक से दो दिन रुकने के लिए कहा एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी को एक-दो दिन रूकने के लिए कहा है। इंदौर के सैकड़ों यात्री दुबई और शारजहा में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के मुताबिक खाड़ी के देशों के एयरपोर्ट धीरे-धीरे खुल रहे है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन यात्रियों के लिए है, जो शाहजहा, आबूधाबी और रसअल खैमाह में फंसे हैं। अथॉरिटी को एक-दो दिन और उड़ान चलने की उम्मीद नहीं है। कई यात्रियों के परिजनों ने कल एयरलाइंस के दफ्तर से जानकारी भी ली थी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की तरफ से कहा गया कि अभी दुबई एयरपोर्ट शुरू हुआ है, फिर आसपास के एयरपोर्ट खोलेंगे आज भी उड़ान रद कर दी गई। कार्गो की सबसे ज्यादा दिक्कत सबसे ज्यादा दिक्कत कार्गो को लेकर आ रही है। इंदौर से हर दिन सब्जी, फूल, दवाओं की बड़ी खेप घरेलू और अन्तरराष्ट्रीय उड़ान से खाड़ी के देशों में जाती है। सब्जी और फूल के व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ है। इंदौर कार्गो की देखरेख करने वाले अफसरों का कहना है कि हमारा वेयरहाउस पूरी तरह भरा हुआ है। बावजूद, इसके कार्गो सेंटर में कई गाड़ियां खड़ी हैं। जिन व्यापारियों का दुबई और आबूधाबी में अनुबंध है, वो कहीं और सब्जी और फूल नहीं भेज रहे हैं। पीथमपुर की फार्मा कंपनियों की बड़ी खेप हर दिन दुबई जाती है। अप्रैल तक के पैकेज रद्द कर दिए ट्रेवल एजेंट फेडरेशन के अध्यक्ष अमोल कटारिया के मुताबिक दुबई के पैकेज हमने इस सीजन में खूब बेचे थे। कई मामलों में तो रिफंडेबल टिकट करवाई थी और कुछ में पैसा वापस आने की उम्मीद नहीं है। ज्यादातर यात्रियों ने अप्रैल तक के पैकेज रद कर दिए। वो पैसा वापस मांग रहे हैं। होटल वाले तो तारीखें बदलकर नए सिरे से पैकेज देने को तैयार हैं, लेकिन एयरलाइंस के पास कोई जवाब नहीं है। यूरोप और अमेरिका जाने वाले यात्री भी दुबई एयरपोर्ट से आगे बढ़ते हैं। कनेक्टिंग उड़ान का टिकट सस्ता होता है।


